मनाली-लेह सड़क पर तोजिंग नाला में बाढ़ आने से यातायात ठप रहा। छोटा दड़ा के पास मलबा आने से यातायात रुक गया। हालांकि सुबह के समय अटल टनल के नार्थ पोर्टल से लगते पागलनाला में पानी का जलस्तर बढ़ गया था, जिसे बीआरओ ने खोल दिया है।
बारिश से लाहौल-स्पीति जिले में नदी और नाले उफान पर हैं। गुरुवार सुबह से घाटी में बारिश का दौर शुरू हो गया। जगह-जगह भूस्खलन, पत्थर गिरने तथा नालों में बाढ़ आने से मनाली-लेह मार्ग के साथ ग्रांफू-काजा मार्ग अवरुद्ध हो गए। मनाली-लेह सड़क पर तोजिंग नाला में बाढ़ आने से यातायात ठप रहा। छोटा दड़ा के पास मलबा आने से यातायात रुक गया। हालांकि सुबह के समय अटल टनल के नार्थ पोर्टल से लगते पागलनाला में पानी का जलस्तर बढ़ गया था, जिसे बीआरओ ने खोल दिया है। वहीं कोकसर के पास कुथ बिहाल ढांक में पहाड़ दरकने से वाहनों की आवाजाही तीन घंटे तक बंद रही। छोटे वाहन चालकों ने पत्थर हटाकर सड़क को बहाल किया था।
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बीआरओ के कमांडर कर्नल शबरीश वाचली ने कहा कि बंद सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया है। सैंज घाटी की न्यूली-शैंशर स्थित मनु ऋषि मंदिर के पास करीब 100 मीटर सड़क बैठ गई है। ऐसे में लोगों को फल और सब्जियां लेने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। सेरी कैंची में लगभग 150 मीटर भूस्खलन हुआ है। मणिकर्ण घाटी में गुरुद्वारा के पास पहाड़ी दरक गई। इससे पत्थर गिरने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। पंचायत के उपप्रधान चेत राम ने कहा कि पत्थर गिरने से पुराने मकान को आंशिक नुकसान हुआ है। इसके साथ एक मंदिर पर भी पत्थर गिरे हैं।