बारिश से गुरुवार को कुल्लू में सन्नाटा पसारा रहा। जिले में स्थानीय के साथ लंबी दूरी की बस सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित रहीं। दस लंबे और आठ लोकल रूट प्रभावित रहे। मनाली-चंडीगढ़ हाईवे समेत स्थानीय सड़क बंद होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
एक दिन मौसम साफ रहने के बाद बुधवार रात से गुरुवार दिनभर कुल्लू और लाहौल घाटी में बारिश का दौर जारी रहा। इससे ब्यास नदी के अलावा अन्य नदी-नालों ने रौद्र रूप ले लिया है। जगह-जगह भूस्खलन से कई सड़कें ठप हैं। बारिश से पूरी घाटी का जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से गुरुवार को कुल्लू में सन्नाटा पसारा रहा। जिले में स्थानीय के साथ लंबी दूरी की बस सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित रहीं। दस लंबे और आठ लोकल रूट प्रभावित रहे। मनाली-चंडीगढ़ हाईवे समेत स्थानीय सड़क बंद होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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मंडी-कुल्लू-मनाली, मनाली-लेह, ग्रांफू-काजा, औट-बंजार-सैंज, लारजी-सैंज, भुंतर- मणिकर्ण, कुल्लू-लगवैली की सड़कों पर लोगों को बसों के साथ छोटे वाहनों पर ही सफर करना खतरनाक हो गया है। सेब सीजन के दौरान सड़कों के बार-बार बंद होने से बागवानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक तरफ बगीचों में सेब की फसल तैयार है दूूसरी ओर मंडियों में दाम दिनोंदिन गिर रहे हैं। ऐसे में मौसम ने बागवानों को चिंता को बढ़ा दिया है। सड़कों के बंद होने से कई जगहों पर सेब फंस गया है।
बारिश से बाह्य सराज में 12, कुल्लू में चार, मनाली में दो तथा बंजार में 12 सड़कें प्रभावित हो गई हैं। लाहौल में भी बारिश से नदी-नालों में बाढ़ आने से घाटी के लोग सहमे हुए हैं। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि मौसम को देखते हुए लोग सफर करें। सैलानी और आम लोग सुरक्षा को देखते हुए नदी नालों के आसपास न जाएं। उन्होंने कहा कि मौसम की हर गतिविधि पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।
सैंज में बारिश से तालाब बनी सड़क से हुआ भूस्खलन।
सैंज में हुए भूस्खलन से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।