लगौटी मेले में देवनृत्य करते देवता खुडीजल महाराज। संवाद
देहुरी से लगौटी तक निकली देवता का एक किमी लंबी रथयात्रा
खराब मौसम में भी उमड़ी चार पंचायतों की जनता
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बैसाख संक्रांति से जिले में देवी-देवताओं के सम्मान में मेलों का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को जिला कुल्लू के अधिष्ठाता देवता खुडीजल के आगमन से दो दिवसीय लगौटी मेले का शुभारंभ हुआ।
देहुरी स्थित देवालय से दोपहर बाद करीब 2:30 बजे देवता खुडीजल की रथयात्रा रवाना हुई। एक किलोमीटर का लंबा सफर तय कर देवता मेला स्थल लगौटी पहुंचे। यहां स्कूल प्रबंधन समिति लगौटी और यहां तैनात शिक्षकों ने देवता खुडीजल का धूप के साथ स्वागत किया।
देवता खुडीजल का लगौटी मेला सदियों में मनाया जाता है। दो दिन तक चलने वाले पारंपरिक मेले में खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में रघुपुर घाटी के लोग पहुंचे और देवता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। मेले में लगौटी, फनौटी, टकरासी और करशैईगाड़ पंचायतों के साथ बिशलाधार व साथ लगते मंडी जिले के लोगों ने भी हाजिरी भरी। देवता के लगौटी मेला स्थल पर पहुंचे के बाद खुडीजल ने ढोल-नगाड़ों, करनाल, नरसिंगों व शहनाई की स्वरलहरियों के साथ देव नृत्य किया। इस दौरान मेले में आए लोग भी देवता के साथ झूम उठे। कारदार शेर सिंह और सचिव पूर्ण शर्मा ने कहा कि देवता खुडीजल का पारंपरिक लगौटी मेला हर साल बैसाख की नौ प्रविष्टे को मनाया जाता है। लगौटी पहुंचकर देवता मेले की परंपरा को निभाते हैं। इस दौरान क्षेत्र के लोगों के साथ दूसरे इलाकों से भी लोग देवता का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान लोगों ने पांच- छह दिनों से हो रही बारिश से राहत देने की प्रार्थना की।