विंटर कार्निवाल में लद्दाख का लोक नृत्य पेश करते कलाकार। -संवाद
मनाली/रोहतांग (कुल्लू)। पर्यटन नगरी मनाली में छह जनवरी तक दसवां राष्ट्रीय शरदोत्सव मनाया जाएगा। रविवार को उत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या का आगाज सुमित और उनके समूह ने कुल्लवी लोकनृत्य पेश कर किया। दर्शक दीर्घा में बैठे दर्शकों ने तालियों के साथ उनकी हौसला-अफजाई की।
इसके बाद हिमालयन बुद्धिस्ट स्कूल 15 मील के विद्यार्थियों ने लद्दाखी लोकनृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की वाहवाही लूटी। लद्दाखी नृत्य सांस्कृतिक संध्या में आकर्षण का केंद्र बना रहा। हालांकि संध्या में तीसरी प्रस्तुति मोनाल पब्लिक स्कूल अलेऊ की रही। विद्यार्थियों ने पंजाबी नृत्य कर खूब तालियां बटोरीं।
वहीं, कांगड़ा कला मंच धर्मशाला के कलाकारों ने गद्दी नृत्य पेश किया। जबकि ज्योति ग्रुप नग्गर के कलाकारों ने ग्रुप डांस पेश किया।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के कलाकारों ने पंजाबी डांस से दर्शकों को झूमने पर विवश किया, तो कांगड़ा कला मंच धर्मशाला के कलाकारों ने झमाकड़ा नृत्य और नेपाली लोकनृत्य से समां बांधा। उधर, जगतसुख महिला मंडल की महिलाओं ने पारंपरिक लोक नृत्य पेश कर लोक संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।
प्राचीन संस्कृति और ऊन कताई की तकनीक से रूबरू करवाती महिलाएं।- फोटो : Kullu