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हिमाचल: कुल्लू-मनाली में दो माह बाद खुला रोमांच का रास्ता, राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग से पर्यटन कारोबार में रौनक

Thu, 17 Sep 2026 01:19 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू।

सार

मानसून के कारण दो माह से बंद रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग गतिविधियां कुल्लू-मनाली घाटी में दोबारा शुरू हो गई हैं। बुधवार को डोभी और सोलंगनाला में पैराग्लाइडर उड़ते नजर आए, जबकि बबेली राफ्टिंग साइट से पहली राफ्ट ब्यास में उतरी। पहले दिन करीब 60 राफ्टें चलीं। साहसिक पर्यटन से जुड़े करीब 10 हजार लोगों को गतिविधियां शुरू होने से राहत मिलने की उम्मीद है।
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कुल्लू में करीब दो माह बाद डोभी में शुरू हुई पैराग्लाइडिंग का लुत्फ उठाते पर्यटक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जब डोभी और सोलंगनाला के आसमां में सुबह 10 बजे पैराग्लाइडर उड़ने लगे और एक घंटे बाद पूर्वाह्न 11 बजे कुल्लू-मनाली के बीच राफ्टिंग साइट बबेली में पहली राफ्ट ब्यास में उतर गई तो पर्यटन कारोबार में भी जान लौट आई। दो माह की मानसूनी रोक के बाद कुल्लू-मनाली घाटी में साहसिक पर्यटन फिर रफ्तार में नजर आया। शाम 5 बजे तक ब्यास की धारा पर राफ्टिंग होती रही, जबकि दोपहर 2 बजे के बाद आसमान में नियमित रूप से पैराग्लाइडर उड़ते दिखाई दिए।

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पहले दिन ब्यास में करीब 60 राफ्टें उतरीं। मौसम साफ होने और ब्यास नदी का जलस्तर अनुकूल होने के बाद प्रशासन की अनुमति से रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग गतिविधियों को दोबारा शुरू किया गया। इसके साथ ही पैराग्लाइडिंग साइटों पर भी पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो गई। सुबह से राफ्टिंग पॉइंटों पर संचालक सुरक्षा उपकरणों की जांच और पर्यटकों को जरूरी निर्देश देते नजर आए। पर्यटकों को लाइफ जैकेट समेत निर्धारित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मानसून के दौरान ब्यास नदी में बढ़े जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक रहती है। परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद अब राफ्टें दोबारा नदी में उतारी गई हैं।
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3500 रुपये में पैराग्लाइडिंग, 200 रुपये प्रति किलोमीटर राफ्टिंग
जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा ने बताया कि बुधवार को साहसिक पर्यटन गतिविधियों पर लगी रोक हटा दी गई है। पैराग्लाइडिंग के लिए 3500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, रिवर राफ्टिंग के लिए 200 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।

10 हजार लोगों को मिलेगी राहत
मानसून के दौरान राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग बंद रहने से साहसिक पर्यटन से जुड़े संचालकों, प्रशिक्षकों, गाइडों और अन्य कारोबारियों का काम प्रभावित था। गतिविधियां शुरू होने के बाद पर्यटन कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। जिले में साहसिक गतिविधियों से करीब 10 हजार लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।

मानसून के दौरान गतिविधियां बंद रहने से कारोबार प्रभावित हुआ। अब परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद नदी में दोबारा राफ्टें उतारी गई हैं। राफ्टिंग शुरू होने से राहत मिली है। विनोद कुमार, रिवर राफ्टिंग कारोबारी

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प्रशिक्षित पायलटों के साथ उड़ान का रोमांच
राफ्टिंग के साथ पैराग्लाइडिंग शुरू होने से घाटी में साहसिक पर्यटन का माहौल फिर दिखाई देने लगा है। उड़ान भरने वाले पर्यटकों को प्रशिक्षित पायलटों के साथ उड़ान का अनुभव मिलेगा। साहसिक गतिविधियों से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।- शेर सिंह ठाकुर, पैराग्लाइडर, डोभी



अब नुकसान की होगी भरवाई
मानसून के दौरान साहसिक गतिविधियां बंद रहने से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। अब गतिविधियां शुरू होने के बाद कारोबारियों को आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटकों के लिए राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग लंबे समय से प्रमुख आकर्षण रहे हैं। -किशन ठाकुर, होटल कारोबारी
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