ग्लेशियर गिरने से दब गई है सिंचाई कूहल, ग्रामीण-कामगार बहाल करने में जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतांग (लाहौल-स्पीति)। जिले की गोंधला पंचायत के यांगला गांव के लिए तीसरे दिन भी सिंचाई कूहल बहाल नहीं हो पाई है। किसानों ने खेतों में सब्जियां उगा रखी हैं, लेकिन सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। बीते मंगलवार को ग्लेशियर गिरने से भ्रेंड नाले में बिछाई गई सिंचाई कूहल के पाइप पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके कारण सिंचाई के लिए पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है।
ग्रामीण और कामगार ग्लेशियर को काटने में लगे हुए हैं, लेकिन अभी सफल नहीं हो पाए हैं। जल शक्ति विभाग ने भी ग्लेशियर गिरने की सूचना मिलने के बाद अपने कामगार वीरवार शाम को भेज दिए। स्थानीय निवासी प्रदीप मालपा, प्रेमलाल, इंद्रपाल और देवी चंद ने कहा कि लगभग 800 मीटर पाइप ग्लेशियर में दब गए हैं। इनका कोई पता नहीं चल रहा है।
तीसरे दिन भी गांववासियों को इसमें सफलता नहीं मिली है। लगभग चार जगह पानी की आस में बर्फ की चट्टान काटी गई, लेकिन पानी का स्रोत नहीं मिल पाया है। ग्लेशियर 40 फुट से भी ऊंचा है। इस संबंध में जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता संजू बौद्ध ने कहा कि ग्लेशियर के कारण सिंचाई कूहल क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। विभाग ग्रामीणों के लिए कामगार और पाइप मुहैया करवा रहा है। कहा कि शुक्रवार को यदि पानी का स्रोत मिल गया, तो जल्द ही सिंचाई के लिए पानी की समस्या दूर हो जाएगी। संवाद