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महंगाई ने छीनी फलों से मिठास

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फरेंद्र ठाकुर
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कुल्लू। जिले में हरी सब्जियों के बाद अब महंगाई ने फलों की मिठास छीन ली है। महंगे फलों ने स्वाद में कड़वाहट घोल दी है। इससे मीठे फल खरीदना लोगों की पहुंच से बाहर हो गया है। कुल्लू में बुधवार को किन्नू ने शतक लगा दिया है, जबकि पहले 60 रुपये किलो बिक रहा था।
सेब 150 से बढ़कर 200 से 250 रुपये प्रतिकिलो के पार पहुंच गया है। यानी दाम 70 रुपये तक बढ़ा है। केला 60 रुपये दर्जन से बढ़कर 80 रुपये बिक रहा है, जबकि पपीता 40 की बजाय 60 रुपये किलो तक पहुंचा है। अब हरी सब्जी और मीठे फलों के दाम में भारी उछाल आने से लोग भी परेशान हो गए हैं। फल विक्रेताओं के अनुसार मौजूदा समय में फल से लेकर सब्जियों के विक्रेता नुकसान झेल रहे हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों के कारण वाहनों का मालभाड़ा बढ़ने से फलों की कीमत में उछाला आया है। ऐसे में फल विक्रेता के साथ आम आदमी की जेब पर इसका असर पड़ रहा है। बता दें कि चुनावी साल में बढ़ती महंगाई ने आम जनता का जीना दुश्वार कर दिया है। पहले कॉपी-किताब, पेट्रोल-डीजल, रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमत में उछाल आया है, लेकिन अब फल के दाम ने भी आसमान छू लिया है। संवाद
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वाहनों का मालभाड़ा बढ़ने से दाम ऊंचे
कुल्लू के फल विक्रेता श्याम लाल, सुरेश कुमार, योगराज, तिजेंद्र सिंह ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कीमत के कारण मालभाड़ा बढ़ने से दाम बढ़ गए हैं। इससे विक्रेताओं को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। आम जनता की जेब भी कट रही है। कुल्लू निवासी केहर सिंह, सरताज सिंह, सोमेश, सूरज ठाकुर, सुनील कुमार, सेसराम व यशवंत शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन महंगाई की मार झेल रहे हैं। हरी सब्जियों व मीठे फलों को खरीदना लोगों की पहुंच से बाहर हो गया है।
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कई दुकानों से रेट लिस्ट भी गायब
जिले में मीठे फलों की दुकानों के बाहर से रेट लिस्ट भी गायब है। इससे कई विक्रेता भी लोगों से फलों के मनमाने दाम वसूल रहे हैं। संबंधित विभाग भी मनमानी करने वाले फल विक्रेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने विक्रेताओं से रेट लिस्ट लगाने का आग्रह किया है।
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