वोल्वो स्टैंड से लेकर शिरढ़ रिजॉर्ट तक पांच जगह बहा हाईवे, करोड़ों की लागत फिर पानी में समाई
हर साल बाढ़ दे जाती है जख्म, 2023 और 2024 में भी हुआ था भारी नुकसान
रोशन ठाकुर
कुल्लू। मनाली से जुड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-3 पिछले तीन वर्षों से ब्यास नदी की बढ़ती धाराओं के सामने टिक नहीं पाया है। 2023 और 2024 में भारी नुकसान झेलने के बाद, मंगलवार को ब्यास ने फिर अपना रौद्र रूप दिखाते हुए कुल्लू-मनाली हाईवे के पांच महत्वपूर्ण हिस्सों को बहा दिया।
मनाली के वोल्वो बस स्टैंड से लेकर रायसन के शिरढ़ रिजॉर्ट तक करीब 700 मीटर सड़क पूरी तरह से बह गई है। इससे मुख्य मार्ग पूरी तरह से कट गया है। एनएचएआई की ओर से लाखों रुपये की मरम्मत के बावजूद नदी हर बार पुराने रास्ते पर लौटकर नुकसान पहुंचा रही है। इससे क्षेत्रवासियों और सैलानियों के लिए आवाजाही मुश्किल हो गई है।
ब्यास नदी वाहन योग्य पुलों के साथ मकानों, दुकानों, खोखों, पैदल पुलों और गाड़ियों को बहा ले गई। हाईवे तीन भी पांच जगह से तिनके की तरह बह गया। चंद मिनटों में एनएचएआई के करोड़ों रुपये बह गए।
ब्यास की चपेट में सबसे पहले मनाली के साथ बना वोल्वो बस स्टैंड के पास हाईवे आया। इसके बाद आलू ग्राउंड, बिंदु ढांक, 17 मील और फिर रायसन स्थित शिरढ़ रिजॉर्ट के पास हाईवे का एक बढ़ा हिस्सा बह गया। पांचों पाॅइंट में करीब 600 से 700 मीटर हाईवे का नामोनिशान मिट गया है। बताया जा रहा है कि 2023 और 2024 को भी इन्ही चार से पांच पॉइंट में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। इस बार भी हाईवे बह गया। कुल्लू-मनाली मुख्य मार्ग कट गया है। एहतियातन यातायात को रायसन ब्रिज से लेफ्ट बैंक मार्ग के रास्ते मनाली की ओर मोड़ दिया गया है।
सेब सीजन में मुख्य मार्ग खुलने के लिए होगा लंबा इंतजार
सेब सीजन में ऊझी घाटी के लोगों और सैलानियों को मुख्य मार्ग खुलने का लंबा इंतजार करना होगा। एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर अशोक चौहान ने कहा कि ब्यास में आई बाढ़ से एनएचएआई को कुल्लू से मनाली तक करीब पांच जगह भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि 2023 से अब तक करीब 20 करोड़ खर्च किए गए थे। नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।