अखाड़ा बाजार में बैली ब्रिज पर खतरा, वाहनों और पैदल आवाजाही पूरी तरह बंद
सड़कों का संपर्क कटा, ब्यास के रौद्र रूप से दहशत में कुल्लू के बाशिंदे
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में लगातार हो रही बारिश से ब्यास नदी उफान पर है। इससे जनजीवन पर संकट मंडरा रहा है। रामशिला में भूमि कटाव होने से तीन मकान नदी में समा गए। हालांकि, समय रहते पांच दुकानों को खाली कर जान-माल की हानि टाली गई।
अखाड़ा बाजार स्थित बैली ब्रिज खतरे की जद में आ गया है। इस पर वाहनों और पैदल आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। कई अन्य क्षेत्रों में भी घरों में पानी घुस चुका है। सड़कों का संपर्क कट गया है। ब्यास के रौद्र रूप से घाटी में दहशत का माहौल है। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।
आखाड़ा बाजार पेट्रोल पंप के पास भी बैली ब्रिज के पास दुकानों और मकानों को खाली कर दिया गया है। मकानों के साथ होकर नदी बह रही है। इससे यहां कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है। यहां एक मकान की धरातल मंजिल में पानी घुस गया है। मकान के भीतर का सामान निकाल लिया गया है, परंतु धरातल मंजिल में पानी भर गया है। बैली ब्रिज को भी खतरा पैदा हो गया है। पानी ब्रिज को छू रहा है। इस पर वाहनों की आवाजाही के साथ लोगों का आना जाना भी बंद कर दिया गया है।
गैमन ब्रिज और रामशिला के बीच ब्यास में समाई सड़क
गैमन ब्रिज और रामशिला के बीच सड़क ब्यास में समा गई है। इससे यहां से वाहनों की आवाजाही थम गई है। ऐसे में जिला मुख्यालय कुल्लू से वाहनों के माध्यम से लेफ्ट बैंक की ओर आना-जाना भी बंद हो गया है। लोग पैदल भूतनाथ ब्रिज के ऊपर की ओर से आ-जा रहे हैं। यहां भी एक छोर पर नदी में समा रही सड़क खतरा बनी हुई है।
हनुमानी बाग में भी बस्ती को खतरा
हनुमानी बाग में भी बस्ती को खतरा पैदा हो गया है। यहां कई घरों तक ब्यास का पानी पहुंंच गया है। लंकाबेकर में भी यही स्थिति बनी हुई है, यहां भी बस्ती में पानी भर गया है। इसके अलावा मौहल, शमशी, भुंतर तक नदी किनारे बसे लोगों में खौफ का माहौल बना हुआ है।