कुल्लू के शास्त्री नगर में बाढ़ के मलबा आने से सड़क किनारे की नालियों से मलबा हटाने में जुटे मज
कुल्लू। खोखन नाला के बाद अब कुल्लू के शास्त्रीनगर नाला पर लोगों ने अवैध निर्माण कर रखा है। यहां नाले पर निर्माण होने से पानी बहने के लिए जगह नहीं बची है। इस कारण बरसात के दिनों में नाले का पानी सड़क पर बह रहा है। दो सालों से लगातार बरसात में यह नाला क्षेत्र में तबाही मचा रहा है। दो दिन पूर्व भी नाले में बाढ़ आने के कारण पानी और मलबा सड़क पर आ गया और लोगों की दुकानों में पानी और मलबा आ गया। इससे क्षेत्र के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि नाले में सिर्फ निजी ही नहीं बल्कि सरकारी निर्माण भी किया गया है जो कायदे कानून को ताक पर रखकर किया गया है। यहां नाले पर बिना पुल की सड़कें बना दी गई हैं जो सीधे तौर पर नाले को ब्लॉक करने का काम कर रही हैं। नाला ब्लॉक होने से पानी और मलबा संपर्क सड़क पर बहकर मुख्य सड़क तक आ रहा है जो आने वाले समय में भी खतरा बना हुआ है। वर्ष 2024 में भी इस नाले में काफी मलबा और पानी आ गया था और सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी।
पिछले दिनों रात के समय नाले में आई बाढ़ ने क्षेत्र के लोगों को पूरी तरह से डरा दिया है। लोगों की माने तो नाले का पानी सड़क पर इसलिए बह रहा है कि नाले के बहाव के लिए जगह ही नहीं बच पाई है। नाले में भवनों का निमार्ण हुआ है। महिला मंडल भवन पूरी तरह से नाले में बना रखा है, इतना ही नगर परिषद कुल्लू ने भी पार्किंग का निर्माण पूरी तरह से नाले पर ही कर दिया है। क्षेत्र को जाने वाली सड़क में तीन से अधिक स्थानों में नाले पर पुल बनाने के बजाय छोटी सी जगह छोड़कर ऊपर से सड़क बना दी है।
गौरतलब है कि कुल्लू में नालों पर हो रहे निर्माण को लेकर प्रशासन और विभाग गंभीर नहीं है। इस कारण नदी-नालों पर अंधाधुंध निर्माण हुआ है। इसी तरह भुंतर के खोखन नाला पर भी अवैध निर्माण होने से नाले के लिए जगह नहीं बची है और बरसात के दिनों में पानी सीधा भुंतर बाजार में घुस रहा है। मजेदार बात तो यह है कि इन नालों पर अवैध निर्माण में सरकारी निर्माण भी शामिल है।
उधर, तहसीलदार कुल्लू हरि सिंह यादव का कहना है कि शहर में अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन पहले से ही कार्रवाई कर रहा है। इस तरह के अवैध कब्जों की पहचान की जा रही है।