संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू/सैंज/पतलीकूहल। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जिला कुल्लू में भी हड़ताल का समर्थन किया गया। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने सोमवार को संयुक्त रूप से जिलाभर में प्रदर्शन किया।
महंगाई, आउटसोर्स भर्ती बंद करने समेत कई अन्य मांगों को लेकर सैकड़ों किसानों-कामगारों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। महिलाओं ने भी केंद्र सरकार की विरोधी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोला। जिला मुख्यालय कुल्लू में सीटू कार्यालय सरवरी से लेकर उपायुक्त कार्यालय, लोअर ढालपुर और ढालपुर चौक होते हुए रैली निकाली गई। उपायुक्त कुल्लू के माध्यम से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में सभी प्रभावित वर्गों को राहत प्रदान करने की मांग की गई है। सीटू के जिलाध्यक्ष सर चंद ठाकुर ने कहा कि 19 मांगों का ज्ञापन केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसमें कामगार से लेकर कर्मचारी तक सभी की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। इस दौरान राजेश ठाकुर, गोविंद भंडारी, कमला नेगी, ममता नेगी, गुरजीत सिंह गिल, खिमीराम, कृष्णा, राजेश्वर पॉल आदि उपस्थित रहे।
उधर, टैक्सी स्टेंड सैंज में किसान सभा व सीटू के बैनर तले संयुक्त ट्रेड यूनियनों के मजदूरों व किसानों-बागवानों, कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके उपरांत जनसभा का भी आयोजन किया गया। किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष नारायण चौहान ने कहा केंद्र सरकार ने मजदूरों के हितों की रक्षा करने वाले 44 श्रम कानूनों को बदलकर मात्र चार श्रम संहिता में समायोजित कर मजदूरों के साथ अन्याय किया है। मजदूरों की वेतन विसंगतियों को और जटिल कर दिया है। किसान सभा बंजार के प्रधान शेर सिंह नेगी ने कहा कि किसानों-बागवानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। महंगाई, बेरोजगारी ने आम जनता की कमर तोड़कर रख दी है। उधर, पतलीकूहल में भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान रवि ठाकुर, अर्जुन सिंह, मोती राम कटवाल, सेवती राम, हीरा सिंह, मोहर सिंह, मनोरमा देवी, रमी देवी, ललित कुमार, देवेंद्र, महेश्वर, किशोरी, दुर्गा देवी मौजूद रहे।
ये हैं मांगें
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की पुरानी पेंशन बहाली, स्थायी रोजगार, सूचकांक के आधार पर वेतनमान, महंगाई पर रोक, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर को नियमित करने, हिमाचल के उद्योगों में 80 फीसदी रोजगार देने आदि मांगें हैं।