कुल्लू। बच्चे देश का भविष्य हैं। इस भविष्य को संवारने के लिए शिक्षा बेहद आवश्यक है। जब बच्चे की शिक्षा की नींव मजूबत होगी, तभी वे देश के भविष्य को बना पाएगा लेकिन बिना शिक्षक शिक्षा की नींव कैसे मजबूत होगी। यह विषय बच्चों के साथ अभिभावकों के लिए परेशानी बना हुआ है। जिला कुल्लू के सात शिक्षा खंडों में केंद्रीय मुख्याध्यापक, मुख्याध्यापक और जेबीटी के कुल 376 पद रिक्त चल रह हैं। विद्यालयों में नौनिहालों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करने के लिए 365 जेबीटी ही नहीं है। इसके अलावा एक केंद्रीय मुख्याध्यापक और दस मुख्याध्यापकों के पद भी नहीं भरे गए हैं। इस वजह से बुनियादी शिक्षा के अलावा विद्यालय प्रबंधन संबंधी विकासात्मक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
गौरतलब है कि जिला के सात शिक्षा खंडों कुल्लू-एक, कुल्लू-दो, नग्गर, बंजार, सैंज, आनी और निरमंड में प्राथमिक से लेकर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 376 पद रिक्त हैं। सबसे अधिक पद जेबीटी शिक्षकों के खाली हैं। इसके अलावा मुख्याध्यापक और केंद्रीय मुख्याध्यापकों की कमी भी चल रही है। इसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और विद्यालय प्रबंधन के प्रशासनिक कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि, शैक्षणिक सत्र 2025-26 लगभग पूर्ण हो गया है लेकिन अभिभावक आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के आरंभ होने से पहले विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई पर शिक्षकों की कमी के कारण विपरीत असर न पड़े। इस संबंध में गुणवत्ता शिक्षा एवं प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक डॉ. सुनील दत्त ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों के रिक्त पदों का ब्यौरा शिक्षा निदेशालय को भेजा गया है। इसकी नियमित रिपोर्ट हर तीन माह में भेजी जाती है।