पर्यटन कारोबारियों के साथ बागवानों पर भी भारी पड़ रही लगातार हो रही बारिश
बागवान नहीं कर पा रहे सेब का तुड़ान, रास्ते बंद होने मंडियों में पहुंचाना भी मुश्किल
बारिश की वजह से दवाइयों का छिड़काव रुकने से जिले के बागवान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। काफी दिनों से हो रही बारिश पर्यटन कारोबारियों के साथ बागवानों पर भी भारी पड़ने लगी है। बागवान सेब का तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं। सड़कें अवरुद्ध होने से सेब सब्जी मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
ऐसे में अब सेब बगीचे में पेड़ पर ही काला पड़ने लगा है। समय पर तुड़ान नहीं हुआ तो बागवानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सेब कुल्लू के बागवानों की मुख्य फसल है। इसी पर लोगों की आर्थिकी निर्भर है। सेब सीजन अमूमन अगस्त में शुरू हो जाता है लेकिन इस साल अभी तक मनाली में सेब सीजन शुरू नहीं हो पाया है। नेशनल हाइवे बंद होने बाहरी राज्यों की मंडियों तक सेब पहुंचना मुश्किल हो गया है। ऐसे में बागवान फिलहाल तुड़ान नहीं कर रहे हैं। बारिश की वजह से दवाइयों का छिड़काव भी रुक गया है।
मनाली-चंडीगढ़ मार्ग पर हो रहे भूस्खलन से सेब को मंडी तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। इस कारण किसानों और बागवानों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ बागवान सेब तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं, वहीं बारिश के कारण सेब पेड़ों पर ही काला पड़ने लगा है। बारिश नहीं रुकी तो बागवानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे सेब की गुणवत्ता प्रभावित होने का डर सताने लगा है। बागवान कमलेश, राजेंद्र, रोहित राम, मीने राम का कहना है कि बारिश की वजह से सेब का तुड़ान शुरू नहीं हो पा रहा है। परिवहन सेवा बार-बार बाधित होने से मंडियों में दाम नहीं बढ़ रहे हैं।
उप निदेशक बागवानी विभाग रामनाथ ने बागवानों से अपील की है कि विभाग की ओर से बताई गई समयसारिणी के अनुसार दवाइयों का छिड़काव करते रहें।