राजभवन में मंत्री जगत नेगी की अगुआई में हुई अहम बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल सदस्यों ने बुधवार को नौतोड़ भूमि बहाल करने की मांग को लेकर राज्यपाल से भेंट की।
यह मुलाकात राजभवन शिमला में की। प्रतिनिधिमंडल जनजातीय विकास और तकनीकी शिक्षा मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में मिला। इसमें विधायक लाहौल-स्पीति अनुराधा राणा भी मौजूद रहीं। उन्होंने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें वन संरक्षण अधिनियम 1980 को निरस्त कर नौतोड़ भूमि की पारंपरिक स्वामित्व प्रणाली की बहाली की मांग की। उन्होंने कहा कि यह जनजातीय समुदायों की संस्कृति, आजीविका और परंपरागत अधिकारों से जुड़ा विषय है। मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार आदिवासी समुदायों के हक के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम और जनजातीय क्षेत्र के लिए नौतोड़ प्रणाली आर्थिक और सामाजिक आत्मनिर्भरता की रीढ़ रही है। बताया कि राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों के साथ इस मुद्दे पर विचार कर उचित दिशा में कार्रवाई की जाएगी।