कुल्लू। प्रदेश के चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाला क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू को खुद इलाज की जरूरत है। यहां स्वास्थ्य कर्मचारियों के कई पद रिक्त चल रहे हैं। अस्पताल में पिछले लंबे समय से मुख्य लैब तकनीशियन समेत तीन अन्य तकनीशियन की कमी चल रही है। इस कारण मरीजों के टेस्ट सैंपल की जांच और रिपोर्ट तैयार करने में समय लग रहा है। अस्पताल में सरकारी लैब में सुबह 11:30 बजे तक ही टेस्ट सैंपल लिए जाते हैं। उपचार के दौरान चिकित्सकों की ओर से मरीजों के टेस्ट लिखने पर इनकी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। रोजाना 500 से अधिक मरीजों के सैंपल की जांच करना किसी मुसीबत से कम नहीं।
क्षेत्रीय अस्पताल में कुल्लू समेत लाहौल-स्पीति, मंडी और चंबा जिले के पांगी क्षेत्र के लोग उपचार करवाने के आते हैं। रोजाना विभिन्न ओपीडी में 800 से 1000 मरीजों का उपचार किया जाता है। इस बीच चिकित्सक की ओर से टेस्ट लिखे जाने पर मरीजों और तीमारदारों को भटकना पड़ता है। सरकारी लैब में सुबह दस बजे से ही लाइनें लग जाती हैं। उपचार करवाने आए रमेश, अंकित, डाबेराम, सूरत राम, निर्मला देवी, शशि ने कहा कि टेस्ट करवाने के लिए लैब में गए, लेकिन लैब में मरीजों की कतारें लगी हैं। उन्हें निजी लैब और अस्पतालों में जाकर तीन से चार गुना महंगे दामों में टेस्ट करवाने पड़े। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश ने कहा कि एक मुख्य लैब तकनीशियन और दो तकनीशियन की कमी है। इस बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।