साते जाच मेले में नाटी डालती महिलाएं।
कुल्लू। देवता सत्य नारायण के सम्मान में साते जाच मेला देवता की रथयात्रा से शुरू हुआ। दो दिन तक चलने वाले मेले में करशाला गांव के देवता नारायण भी पहुंचे और दोनों देवताओं के बीच करीब 10 साल बाद मिलन हुआ है।
देवताओं का बनाला, फनौटी और जुहड़ गांव की महिलाओं ने पूजा-अर्चना के साथ स्वागत किया। बारिश के कारण मेले का आगाज देरी से हुआ, लेकिन दोपहर बाद मौसम खुलने के बाद मेला साते जाच का शुभारंभ हुआ। मेले के पहले दिन देव मिलन, देवताओं का कारकूनों, देवलुओं और महिला मंडलों की संयुक्त नाटी आकर्षण का केंद्र रही।
इसके बाद शाम के समय महिला मंडलों ने अपनी प्रस्तुति देकर वाहवाही लूटी। महिलाओं ने लोक संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। इसमें महिला मंडल कदेरना, बलेहड़, जुहड़ के अलावा बनाला व लगौटी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। मेले का शुभारंभ स्थानीय पंचायत प्रधान दौलत चौहान एवं बीडीसी सदस्य जोत राम ने किया।
उन्होंने देवता सत्य नारायण के साते जाच मेले के बड़े स्तर पर मनाने के लिए तीन गांव के लोगों को बधाई दी। पंचायत की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया गया। ग्रामीण रमेश चंद, रंजीत सिंह, खेम राज ने कहा कि बारिश के कारण मेले का आगाज दोपहर बाद हुआ है। कहा कि मेले में देव संस्कृति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोक संस्कृति के दर्शन हो रहे हैं। संवाद