कुल्लू। सेब के बगीचों में फ्लावरिंग के दौरान बागवान पॉलीनेशन के लिए मधुमक्खी के बॉक्स रखने के साथ ही कलमें भी लगा रहे हैं। बगीचों में विभिन्न किस्मों की कलमें पॉलिथीन के लिफाफों के अंदर डालकर जगह-जगह रखी जा रही हैं। इन्हें टहनियों से बांधकर रखा जाता है। कलमें परागण में सहायक होती हैं। इससे सेब की सेटिंग में मदद मिलती है। चरम पर चल रही फ्लावरिंग के बीच बागवानों को अच्छी सेटिंग होने की उम्मीद है। घाटी के बागवान लगातार अपने सेब के बगीचों की सुबह-शाम निगरानी कर रहे हैं।
निचले क्षेत्रों में फ्लावरिंग की दूसरा चरण चला हुआ है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक जिले में सेटिंग कितनी हुई है, इसकी तस्वीर लगभग साफ हो जाएगी। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इन दिनों फ्लावरिंग चल रही है।
खराहल घाटी के प्रगतिशील बागवान कुलदीप सिंह नेगी और कमलेश कुमार ने कहा कि बगीचों में नाशपाती की फसल अब अच्छी नजर आने लगी हैं। सेब के पौधाें में पॉलीनेशन के लिए कलमें लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर आने वाले दिनों में मौसम साफ रहता है तो सेटिंग अच्छी होगी, जिसका फायदा बागवानों को मिलेगा। कुल्लू फलोेत्पादक मंडल के अध्यक्ष महेंद्र उपाध्याय का कहना है कि सेब फसल पर बागवानों की नजरें टिकी हैं।
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इस संबंध में बागवानी विभाग के उपनिदेशक बीएम चौहान ने कहा कि बागवानों को विभिन्न जानकारियां प्रदान की जा रही हैं। स्प्रे शेड्यूल के हिसाब से बागवानों को बगीचों में दवाइयों के छिड़काव की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि इस बार अच्छी फसल होने की उम्मीद है। संवाद