कुल्लू की नर्सरियों से 80 फीसदी तक रूट स्टॉक खत्म, उत्तराखंड-कश्मीर से भी आ रही मांग
15 फरवरी के बाद का मौसम पौधे लगाने के लिए होता है बेहतर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में बागवान सेब, प्लम और जापानी फल के नए पौधे लगा रहे हैं। मौसम भी अनुकूल है, इसलिए नए बगीचे तैयार किए जा रहे हैं। नर्सरियों में फलदार पौधों का आधा स्टॉक समाप्त हो गया है। नर्सरियों में प्लम के पौधे 80 फीसदी तक बिक चुके हैं। सेब और जापानी फल के पौधों की लगातार मांग आ रही है। इस बार कुल्लू जिले में तैयार हुए प्लम के पौधे जिला मंडी को ज्यादातर सप्लाई किए गए हैं। सेब, जापानी फल के पौधे उत्तराखंड, शिमला, कश्मीर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए सप्लाई किए गए हैं।
फलदार पौधों की ब्रिकी में आई तेजी से नर्सरी संचालकों ने राहत की सांस ली है। रूट स्टॉक और अन्य किस्मों के पौधे खूब बिक रहे हैं। 15 फरवरी के बाद का समय नए पौधे लगाने के लिए बेहतर होता है। ऐसे में बागवान किसी तरह की देर नहीं करना चाहते हैं। बागवान टेक चंद, राम सिंह ठाकुर, बबलू शर्मा और दिनेश कायथ ने कहा कि बजौरा से लेकर सेउबाग तक नर्सरियां हैं।
इनसे बागवान अपनी जरूरत के हिसाब से पौधे खरीद रहे हैं। सेब का पौधा बागवानों को 100 से 200 रुपये के बीच मिल रहा है। प्लम का पौधा भी 100 रुपये तक मिल रहा है। हुरला में नर्सरी संचालक बलदेव कृष्ण ने कहा कि नर्सरी में प्लम पौधों का 80 फीसदी स्टॉक समाप्त हो गया है। जापानी फल का 50 फीसदी स्टॉक बचा है। सेब पौधों की उत्तराखंड और कश्मीर से मांग आ रही है। उन्होंने कहा कि बागवानाें को बेहतर किस्म के पाैधे दिए जा रहे हैं।
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बागवान विभाग की ओर से पंजीकृत नर्सरी से ही फलदार पौधों को खरीदें। पौधे खरीदने के बाद बिल जरूर लें। विभाग की ओर से जिले में बाहर से आने वाले पौधों पर भी नजर रखी जा रही है।
-बीएम चौहान, उपनिदेशक, बागवानी विभाग कुल्लू
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