कुल्लू। प्लम के बेहतर मिले दामों के बाद अब बागवानों ने नाशपाती का भी तुड़ान शुरू कर दिया है। मंडियों में सबसे पहले पहुंचाने के चक्कर में बागवान कच्ची नाशपाती का तुड़ान कर रहे हैं। हालांकि कच्ची नाशपाती भी 100 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है।
आमतौर पर बागवान जुलाई के पहले सप्ताह के बाद तुड़ान शुरू कर देते थे लेकिन निचले क्षेत्रों में कई बागवानों ने डेढ़ से दो सप्ताह पहले ही शुरुआत में अच्छे दाम मिलने की आस को देखते हुए नाशपाती का तुड़ान शुरू कर दिया है।
मंडियों में कच्ची नाशपाती आने से नाशपाती के दाम गिरने के आसार हैं। बताया जा रहा है कि अभी तक न तो नाशपाती में स्वाद है और न ही इसका आकार बना है। जब नाशपाती को व्यापारी कार्टन में पैक करके दिल्ली और अन्य शहरों में लेकर जाते हैं तो यह कच्ची होने के चलते मुरझा जाती है। ऐसे में व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। व्यापारी को घाटा होने की सूरत में मंडियों में नाशपाती के दाम भी गिरेंगे।
जिले में इस साल नाशपाती की बंपर फसल है। जिलेभर में 3823 मीट्रिक टन नाशपाती होने का अनुमान है। पिछले साल वर्ष 2023 में यह उत्पादन महज 2624 मीट्रिक टन हुआ था। नग्गर ब्लॉक में सबसे अधिक नाशपाती की पैदावार होती है।
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मंडियों में कुछ बागवान कच्ची नाशपाती को तुड़ान करके ला रहे हैं। नाशपाती के तुड़ान में जल्दबाजी बिल्कुल भी न करें। नाशपाती की खरीद के लिए व्यापारी आ रहे हैं। अगर कच्ची नाशपाती मंडियों में लाएंगे तो इसका असर दामों पर पड़ेगा।
-मानस कुमार सूद, अध्यक्ष, आढ़ती एसोसिएशन सब्जी मंडी भुंतर