कुल्लू। जिला कुल्लू में अप्रैल से मई तक लगातार बारिश से किसान-बागवानों को बड़ा झटका लगा है। मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से सेब के साथ सब्जियों और अन्य फसलों को करीब 7.50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। संबंधित विभाग ने नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। बारिश, ओलावृष्टि और तापमान गिरने से सेब को करीब पांच करोड़ रुपये की क्षति हुई है।
असमय बर्फबारी, भारी बारिश और ओले की मार से सेब की फ्लावरिंग को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। अत्याधिक तापमान गिरने से पेड़ों पर लगे फूल झड़ गए। कई जगहों पर ओले का कहर ऐसा रहा कि एंटी हेलनेट को भी तहस नहस कर दिया। खासकर बाह्य सराज आनी के बागवानों को इसका नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा नाशपाती, प्लम व अनार के उत्पादकों को भी मौसम ने झटका दिया है। हालांकि इसका नुकसान एक करोड़ तक आंका है।
नकदी फसलों पर मौसम की मार से किसान-बागवान बैकफुट पर आ गए हैं। बागवान तेज राम, लीला प्रसाद, प्रेम सिंह, जगदीश तथा लाल चंद ठाकुर ने कहा कि सेब के साथ-साथ मटर को तबाह कर दिया है। ओलों से खेतों में तैयार मटर की फसल को बर्बाद कर दिया। इसी कारण मटर के किसानों को 60 से 80 रुपये की जगह मात्र 25 से 35 रुपये मिल रहे हैं। ग्राम पंचायत लगौटी के प्रधान मोहन ठाकुर, फनौटी के प्रधान दौलत चौहान ने कहा कि सेब के साथ सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है।
बागवानी विभाग के उपनिदेशक बीएम चौहान ने कहा कि सेब, प्लम, नाशपाती, अनार को करीब छह करोड़ तक नुकसान हुआ है। उन्होंने रिपोर्ट सरकार को प्रेषित कर दी है। कृषि विभाग के उपनिदेशक पंचबीर ठाकुर ने कहा कि ओले और बारिश से मटर को सबसे अधिक नुकसान आंका है, लेकिन गोभी को भी कुछ नुकसान हुआ है। फील्ड से ली रिपोर्ट में 1.50 करोड़ को नुकसान सामने आया है।