फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोड़ों की कब्जाई वन भूमि में बनेगा जैव विविधता पार्क

Mon, 06 Mar 2017 10:14 PM IST
कुल्लू
विज्ञापन
वन। - फोटो : Demo pic
विज्ञापन
मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय-राजमार्ग पर कुल्लू के समीप मौहल में करोड़ों की कब्जाई वन भूमि पर जैव विविधता या वानस्पतिक पार्क बनाया जाएगा। उक्त कब्जाई वन भूमि से कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वन विभाग ने कब्जाधारक को नोटिस भेजा है। उक्त वन भूमि में अंतरराष्ट्रीय अंगोरा फार्म चल रहा है। जिसकी लीज करीब दो दशक पूर्व खत्म हो चुकी है।  नोटिस के माध्यम से वन विभाग ने कब्जाधारक को सात दिनों में कब्जा हटाने को कहा है। यदि निर्धारित समय में कब्जा नहीं हटाया जाता है तो विभाग पुलिस की सहायता से कब्जा लेगा। विभाग ने निर्णय लिया है कि यहां जैव विविधित या वानस्पतिक पार्क बनाया जाएगा। ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और स्थानीय जनता को इसका लाभ मिल सके। कब्जाई गई 56 बीघा पांच बिस्वा वन भूमि एनएच के साथ ब्यास तट पर है। वर्तमान में इस भूमि की कीमत करोड़ों में है।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार ने वर्ष 1965 में अंतरराष्ट्रीय अंगोरा फार्म के नाम 30 वर्ष के लिए मौहल में वन भूमि लीज पर दी थी। जिसकी समय अवधि 1995 में खत्म हो चुकी है। 1997 में लीज की अवधि को 20 वर्ष बढ़ाने के लिए नवीनीकरण प्रार्थना पत्र प्रदेश सरकार को प्रस्तुत किया गया, लेकिन सरकार ने 2001 में अस्वीकृत कर दिया कि वन भूमि को भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति के बिना नहीं दी जाएगी। प्रतिवेदन को 2002 में पुन: निरस्त कर दिया गया था। प्रतिवादी द्वारा अंतरराष्ट्रीय अंगोरा फार्म की जमीन को वन विभाग को न सौंपने पर वन विभाग ने हिमाचल प्रदेश लोक परिवार अधिनियम 1971 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। वहीं प्रतिवादी की ओर से उच्च न्यायालय शिमला में मामला दायर किया।

हाईकोर्ट ने 2016 में वन भूमि खाली करने के आदेश पारित किए। हाईकोर्ट के आदेश को प्रतिवादी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दायर कर चुनौती दी। जिसे एससी ने खारिज दिया। जिस पर अब वन विभाग नियमानुसार कब्जा लेने के लिए प्रक्रिया अपना रहा है। इधर, इस संबंध में डीएफओ कुल्लू डॉ नीरज चड्ढा ने बताया कि मौहल स्थित वन भूमि पर अवैध कब्जे को हटाने के लिए नोटिस दिया गया है। नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है। वहीं, अरण्यपाल कुल्लू वन वृत्त कुल्लू बीएल नेगी ने कहा कि उक्त वन भूमि का कब्जा लेकर यहां जैव विविधता या वानस्पतिक पार्क बनाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें