संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले के सरकारी स्कूलों में आग की घटना से निपटने के लिए जल्द अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षा खंडों के प्रमुखों को पत्र जारी कर जानकारी मांगी है।
पत्र में कहा है कि जिन स्कूलों में आग की घटना से निपटने के लिए अग्नि संबंधी उपकरण नहीं हैं, वे लिखित में शिक्षा विभाग कुल्लू को जानकारी दें। इसके बाद विभाग उपकरण स्थापित करेगा। इस मामले को अमर उजाला ने पांच मई के संस्करण में ‘छह सौ स्कूलों में आग से निपटने के लिए उपकरण नहीं’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। इस पर शिक्षा विभाग ने संज्ञान लेते हुए सभी शिक्षा खंडों के प्रमुखों को पत्र लिखकर स्कूल की जानकारी मांगी है। बता दें कि जिले के 1,012 सरकारी स्कूलों में से 600 से अधिक विद्यालयों में आग से निपटने के लिए सुरक्षा यंत्र नहीं है। इनमें राजकीय प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च पाठशालाएं शामिल हैं। कुछ एक माध्यमिक व उच्च स्कूलों में ही अग्नि सुरक्षा उपकरण लगे हुए हैं, जबकि अन्य स्कूल नियमों को ताक पर रखकर विद्यार्थियों की जान खतरे में डाल रहे हैं। अब सवाल उठता है कि अगर स्कूलों में अचानक आग की घटना घटित होती है तो उस समय विद्यार्थी क्या करेंगे।
860 सरकारी स्कूलों में बन रहा मिड-डे मील
जिले के 860 सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील का खाना बनता है। स्कूलों में मिड-डे मील शुरू होने के बाद आग का खतरा अधिक बढ़ा है, लेकिन रसोईघर में भी आग से निपटने के लिए कोई यंत्र स्थापित नहीं किए गए हैं।
अधिकतर स्कूलों में अग्निशमन यंत्र लगाए गए
प्रारंभिक शिक्षा विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. सुरजीत राव ने बताया कि जिन स्कूलों में अग्निशमन यंत्र नहीं लगे हैं, उनकी रिपोर्ट संबंधित ब्लॉक से मांगी गई है। इसके लिए पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि अधिकतर स्कूलों में अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं, जबकि बड़े स्कूलों में पांच से छह यंत्र स्थापित किए हैं। उधर, उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक डॉ. शांति लाल ने बताया कि जिन स्कूलों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं, वहां लगाए जा रहे हैं।