दो पंचायतों के ग्रामीणों को पानी के लिए होना पड़ रहा परेशान
सालों से पेयजल का इंतजार कर रहे हजारों ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली/सैंज (कुल्लू)। सैंज घाटी के दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामीणों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। घाटी की दुर्गम ग्राम पंचायत शैंशर और देहुरीधार में पेयजल संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों को पेयजल के लिए रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि करीब 20 साल पहले जलशक्ति विभाग ने दोनों पंचायतों में पानी की आपूर्ति के लिए गजारू से बजाहरा पेयजल योजना का निर्माण कार्य शुरू किया था लेकिन इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी योजना से ग्रामीणों को पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है। योजना का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है।
ग्रामीण आलम चंद, निमत राम, मोहर सिंह, आकाश और रामकृष्ण ने कहा कि जलशक्ति विभाग की लेटलतीफी के कारण दो पंचायतों शैंशर और देहुरीधार के ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। पिछले कई 18-20 सालों से गजारू-बजाहरा पेयजल योजना का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इस वजह से दोनों पंचायतों के हजारों ग्रामीण प्यास बुझाने के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों के सहारे हैं। सर्दी के दिनों में अधिक बारिश और बर्फबारी के कारण पेयजल स्रोतों तक पहुंचना जाेखिम भरा रहता है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि पेयजल योजना का निर्माण पूरा कर पेयजल आपूर्ति दोनों पंचायतों में की जाए ताकि ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
उधर, विभाग के कनिष्ठ अभियंता गोपाल बरसात ने कहा कि शैंशर-देहुरीधार पंचायत के लिए बन रही पेयजल योजना का निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बरसात योजना की पाइप लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त हुई है जिस वजह से इसे सुचारू करने में बाधा आई है।