कुल्लू। बर्फबारी और बारिश से बाधित हुई बस सेवाओं के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार सुबह ड्यूटी पर आने वाले कर्मचारियों को पांच से सात किमी पैदल चलकर दफ्तर आना पड़ा।
स्कूल में अवकाश होने के कारण विद्यार्थियों को राहत मिली। जरी से मणिकर्ण और पतलीकूहल से मनाली के बीच टैक्सियों में दोगुना किराया देकर लोग अपने गंतव्य तक पहुंचे। कुल्लू से मनाली के लिए जाने वाली बसें 18 किलोमीटर पीछे पतलीकूहल जबकि कुल्लू से मणिकर्ण की तरफ जाने वाली बसें दोपहर तक 12 किलोमीटर पीछे जरी तक ही जा सकीं।
शाम तक बसें मणिकर्ण और मनाली के रांगड़ी तक पहुंची। रविवार रात को बर्फबारी और बारिश के कारण पार्वती घाटी के चतराणी के लिए बस सेवा बाधित थी। इस क्षेत्र के कर्मचारी करीब सात किमी पैदल चलकर सरसाड़ी पहुंचे। यहां से अन्य वाहनों में कुल्लू पहुंचे। मणिकर्ण और कसोल की तरफ से कई लोग सुबह पैदल जरी के लिए निकले। छोटी गाड़ियों के लिए मणिकर्ण तक सड़क बहाल होने के बाद टैक्सियों में 1,000 रुपये किराया देकर लोग मणिकर्ण पहुंचे।
सैंज, बंजार सहित अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की समस्या लोगों को आई। सोमवार को भी लगातार दूसरे दिन नेशनल हाईवे तीन होकर कुल्लू से मनाली तक जाने वाली बसें पतलीकूहल तक ही चलीं। ऐसे में यात्री परेशान रहें, यात्रियों को टैक्सियों में दोगुना किराया देकर मनाली पहुंचना पड़ा। बर्फबारी और बारिश के बाद 40 से अधिक ग्रामीण रूटों पर निगम की बस सेवा प्रभावित हुई है। बस अड्डा कुल्लू के प्रभारी मनोज शर्मा ने कहा कि जिले में 70 से अधिक रूटों पर अभी भी बस सेवाएं प्रभावित हैं। चालकों को बसें सुरक्षित स्थान तक ही ले जाने को कहा गया है। संवाद