मलाणा नाले में बादल फटने के बाद बिजली हो गई थी बंद
अभी मलाणा गांव में सुचारु नहीं हो पाई बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मलाणा नाले में बादल फटने के बाद प्रभावित गांवों में जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा है। दस दिन से अंधेरे में डूबे पौहल और बलाधी गांवों में शनिवार को बल्ब जले। बिजली बोर्ड ने गांवों की बिजली बहाल कर दी है।
इससे लोगों ने भी राहत की सांस ली है। बिजली न होने से उन्हें अंधेरे में रहना पड़ रहा था। मोबाइल फोन भी शोपीस बन गए थे। मोबाइल की बैटरी डाउन होने से लोग अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। बिजली न होने से उपकरण भी ठप पड़े थे। शनिवार को बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई है। बलाधी और पौहल में 70 से अधिक परिवार रहते हैं। दो गांवों का संपर्क मलाणा नाला में बादल फटने के बाद कटा हुआ था। अब पौहल गांव को जोड़ने के लिए ग्रामीणों ने मलाणा नाला पर पुल बनाया है। बलाधी के लिए भी एक झूला बनाया गया है। ऐतिहासिक गांव मलाणा के लिए अभी बिजली की आपूर्ति ठप है। मलाणा की करीब 2,500 की आबादी के लिए बिछाई गई लाइन 13 किलोमीटर के दायरे में क्षतिग्रस्त है। मलाणा के लिए पैदल रास्ता भी नहीं बचा है। ऐसे में मलाणा के लिए बिजली आपूर्ति को सुचारु करना किसी चुनौती से कम नहीं है। मलाणा में भादो संक्रांति से एक दिन पहले शाउण मेला होगा, ऐसे में मलाणावासियों को अंधेरे के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
इस संबंध में बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता विरेंद्र शर्मा ने कहा कि दोनों गांव के लिए बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मलाणा के लिए बिजली अभी बंद है। मलाणा में भी बिजली की आपूर्ति बहाल करने की दिशा में काम किया जा रहा है। संवाद