जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की लाहौल घाटी में चिकित्सकों के सामूहिक अवकाश का असर देखने को मिला। घाटी के जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात 19 डॉक्टरों से अवकाश पर रहने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाईं। बर्फ के बीच शीतलहर में उपचार के लिए पहुंचे घाटी के मरीजों को बिना स्वास्थ्य जांच के ही घर लौटना पड़ा है। सोमवार सुबह उपचार को कई मरीज घाटी के अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
जिला अस्पताल केलांग में उपचार को आए सुनील, देव राज, अमित, सुखदेव, आशा, गीता और राधा के अनुसार वह उपचार के लिए अस्पताल आए तो देखा की पूरे अस्पताल में सन्नाटा पसरा था। ओपीडी के बंद होने से उन्हें निराश होकर बिना उपचार के ही घर लौटना पड़ा है। प्रदेश चिकित्सक संघ की लाहौल इकाई के प्रेस सचिव डॉ. अंकित के अनुसार सोमवार को पूरी घाटी के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कामकाज बंद रहा और किसी भी मरीज के स्वास्थ्य की जांच नहीं की गई। 24 जनवरी से 2 फरवरी तक काले बिल्ले लगाकर काम किया जाएगा। तीन से 12 तक सुबह के समय दो घंटे की पेनडाउन हड़ताल की जाएगी और 11 बजे के बाद ओपीडी शुरू होगी। बावजूद इसके अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो चिकित्सक 13 फरवरी से 24 फरवरी तक मास कैज्यूल लीव पर रहेंगे।