विस क्षेत्र में पंचायत चुनावों को लेकर तेज हुईं सियासी सरगर्मियां
सीमाएं पूर्व की तरह रहने से रणनीति बनाने में जुटे राजनीतिक दल
संजय ठाकुर
पतलीकूहल (कुल्लू)। परिसीमन की चर्चाओं के बावजूद मनाली विधानसभा क्षेत्र के तहत जिला परिषद के चार वार्डों की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन वार्डों में पूर्व की पंचायतें ही यथावत रखी गई हैं।
सीमाएं बदलने की अटकलों के बीच पुराने ढांचे को बरकरार रखने के फैसले से राजनीतिक हलकों में नई हलचल शुरू हो गई है।
सीमाएं पूर्व की तरह रहने से अब राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दल मनाली क्षेत्र की चारों जिला परिषद सीटें जीतने के लिए संगठनात्मक मजबूती, बूथ स्तर की सक्रियता और स्थानीय मुद्दों पर फोकस की रणनीति बना रहे हैं।
भाजपा अपने परंपरागत वोट बैंक और विकास कार्यों को मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस स्थानीय नेतृत्व, जनसंपर्क अभियान और पंचायत स्तर पर समीकरण साधने में जुटी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीमाएं न बदलने से समीकरण स्पष्ट हो गए हैं और मुकाबला सीधा और रोचक होने की संभावना है।
इस तरह से होंगे मनाली विस के जिप वार्ड
वशिष्ठ वार्ड में पलचान, बुरुआ, वशिष्ठ, चचोगा, प्रीणी, जगतसुख, गोजरा, करजा, सोयल, हलाण-1, सरसेई, नग्गर और रूमसु पंचायतें होंगी।
लरांकेलो वार्ड में नथान, लरांकेलो, जाणा, अरछंडी, कराड़सू, राउगी, सोयल-2, काईस, गाहर, नेउली, चतानी, ग्राहण, पुईद, बंदल, चौकी डोभी, सेउगी, चंसारी और तलोगी पंचायतें होंगी।
डुगीलग वार्ड में डुंखरीगाहर, फलाण, मझाट, डुगीलग, न्यूल, हाट, बस्तोरी, कोठीसारी, नलहाच, बनोगी, वाशिंग, बंदरोल, जिंदौड, बैंची, रायसन, शिरढ़, देवगढ़, मंडललगढ़, सलिगंचा और हुरंग पंचायतें शामिल हैं।
नसोगी वार्ड मेंं पिछलीहार, दुआडा, कटराईं, हलाण-2, बड़ाग्रां, रियाडा, पनगां, ब्राण, शलीन, नसोगी, मनाली और शनाग पंचायतें होंगी।