संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। घाटी की अधिष्ठाती देवी हिडिंबा के दर्शन के लिए नागालैंड और असम का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को मनाली पहुंचा है। इस दल ने माता हिडिंबा के मंदिर में शीश नवाया और आशीर्वाद लिया। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि वे देवी हिडिंबा के वंशज हैं। नागालैंड के दीमापुर में माता हिडिंबा का मंदिर है।
श्रद्धालुओं के साथ आई नागालैंड की विनीता जगडुंग ने कहा कि वह अपने साथी अजयधर और सिडली, असम के हरिनमय बथारी, मुक्तेश्वर केंपरे, हिमांशु बटारिया, सुखेन फगवा व अजय फगवा के साथ वनवासी कल्याण आश्रम व हिमगिरि कल्याण आश्रम के सहयोग से हिमाचल भ्रमण पर आए हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि माता हिडिंबा का मंदिर मनाली में है तो वह देवी के दर्शन के लिए यहां पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि देवी हिडिंबा डिमासा की बेटी है और भीम से विवाह के बाद मनाली आई थी। ऐसे में वह देवी हिडिंबा के वंशज हुए। डिमासा नागालैंड और असम का एक समुदाय है। उन्होंने वनवासी कल्याण आश्रम व हिमगिरि कल्याण आश्रम के प्रतिनिधियों का आभार जताया। हिमगिरि वनवासी कल्याण आश्रम के संरक्षक निहाल चंद, अध्यक्ष लछिया राम, संगठन मंत्री हेम सिंह व लाहौल कुल्लू के अध्यक्ष परस राम असम व नागालैंड के प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे। उधर नगर परिषद मनाली के अध्यक्ष चमन कपूर ने कहा कि राष्ट्रीय अखंडता का भाव भारतीय संस्कृति के मूल में रहा है। हिमगिरि कल्याण आश्रम के संरक्षक निहाल चंद व अध्यक्ष लछिया राम ठाकुर, संगठन मंत्री हेम सिंह कपूर व लाहौल-कुल्लू के अध्यक्ष परस राम ने भी अपने विचार रखे।