आठ साल बाद शुरू हुआ साप्ताहिक दौरा, करशाला बाग में पहला पड़ाव
बंजार के खंडराघी के साथ कई गांवों में जाकर देवता देंगे लोगों को आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। रघुपुर घाटी के अधिष्ठाता देव सृष्टि नारायण करशाला आठ साल बाद बंजार दौरे में जा रहे हैं। शुक्रवार को देवता का पहला पड़ाव शुरू हुआ है। आषाढ़ संक्रांति के मौके पर सुबह के समय देवता की परंपरानुसार पूजा की गई। इसके बाद देवता के रथ को मुख्य कारकूनों ने मुख-मोहरे से सजाया। दोपहर बाद करीब 3:00 बजे के आसपास देवता ढोल नगाड़ों की थाप पर देवालय से बाहर निकले और अपने पहले पड़ाव के लिए रवाना हुए। देवता का पहला पड़ाव करशाला बाग में हुआ। शनिवार सुबह यहां से रवाना होकर शुश, जलोड़ी दर्रा से बंजार घाटी में प्रवेश करेंगे। देवता के इस दौरे को लेकर कारकूनों और देवलुओं में खासा उत्साह है।
देवता के कारदार इंद्र सिंह ठाकुर, मस्त राम ठाकुर, पदम कटोच, देवी राम, पुजारी पथर सिंह और दरोगा ध्यान सिंह, कुमार ठाकुर, गगन साहसी, रमेश कुमार, प्रताप सिंह और अमर सिंह ने कहा कि देवता के दौरे में करशाला गांव के साथ सुहल, दरकू, कुआ, कुठेड़, कनशेल और शिलीहार के समस्त हारियान भाग ले रहे हैं। लाव लश्कर के साथ बंजार दौरे पर निकले देवता 15 जून शाम को चौहणी के खंडराघी गांव में पहुंचेंगे। यहां रुकने के बाद देवता बंजार के कई अन्य गांवों में जाकर लोगों को सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देंगे। कारदार इंद्र सिंह और कुमार ठाकुर ने कहा कि देवता लगभग एक सप्ताह के दौरे पर रहेंगे। संवाद