सात साल बाद बड़े महर्षि मार्कंडेय ऋषि से करेंगे देव मिलन
मकराहड़ में धरती माता का लेंगे आशीर्वाद, करेंगे शाही स्नान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। तीन दिवसीय पेड़चा बैसाखी मेला मनाने के बाद देवता मार्कंडेय ऋषि पेड़चा थरास के लिए रवाना होंगे। 17 अप्रैल से तीन दिवसीय मेला शुरू होने जा रहा है। बड़े भाई महर्षि मार्कंडेय ऋषि के मिले निमंत्रण के बाद देवता मार्कंडेय ऋषि पेड़चा के हारियानों में खुशी की लहर है। करीब सात साल बाद दो भाइयों का थरास में भव्य देव मिलन होगा।
देवता के कारदार रमेश शर्मा, कमली राम, टीसी महंत, पुजारी नरोतम दत्त शर्मा, किशोरी लाल शर्मा, काईथ लाल चंद चौहान ने बताया कि तीन दिनों तक थरास मेले में देवता भाग लेंगे। 16 अप्रैल को अपने देवालय से पूरे लाव लश्कर के साथ थरास के लिए रवाना होंगे। मेले में बड़े भाई से मिलने के बाद देवता मार्कंडेय पेड़चा ब्यास के किनारे मकराहड़ मंदिर की परिक्रमा के साथ यहां अपनी प्रकट स्थली को स्पर्श कर धरती मां का आशीर्वाद लेंगे।
यहां पर देवता शाही स्नान भी करेंगे। मान्यता है कि मकराहड़ के साथ लगते खेत में महिला को खेती करते समय महर्षि मार्कंडेय का मुख मिला था। मुख पर से मिट्टी हटाने के लिए कुछ ही दूरी पर बहने वाली ब्यास नदी में ले गई। मिट्टी साफ करती बार आकाशवाणी हुई कि मैं मार्कंडेय ऋषि हूं। तब से लेकर आज तक बैसाख संक्रांति को देवता मार्कंडेय ऋषि यहां पर शाही स्नान करते हैं। संवाद