संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। अधिष्ठाता जुआणी महादेव मौहल मेले से सैकड़ों हारियानों के साथ मंगलवार को अपने देवालय न्योली पहुंचे। देवता जुआणी महादेव मेले में देव परंपरा निभाने के लिए रविवार को गए थे। मौहल में देवता जुआणी महादेव अपने अस्थायी शिविर में रहे। देवता के कारकूनों और हारियानों के लिए मौहल में देव भोज का भी आयोजन किया। मेले में देवता जुआणी महादेव का भव्य स्वागत देव विधि के साथ हुआ।
इससे पूर्व देवता का विश्राम रामशिला के वामतट पर हुआ। यहां पर देवता की ओर से तमाम हारियानों को मौहल मेले के उपलक्ष्य पर मिष्ठान भी आवंटित किया गया। यह परंपरा सदियों से चल रही है। देवता जुआणी महादेव के कारदार गोपाल महंत ने कहा कि देवता मौहल मेले में जाते हैं। दो दिन देव परंपरा का निर्वहन किया जाता है। संध्याकाल देवता अपने देवालय पहुंचे। श्रद्धालुओं और हारियानों ने देवता जुआणी महादेव का फूलों और धूप से स्वागत किया। बुधवार को देवता एक भक्त के निमंत्रण पर बराधा के लिए रवाना होंगे। संवाद