स्कूलों का निरीक्षण कर शिक्षकों की योग्यता की जांच करेगा शिक्षा विभाग
बायोमीट्रिक दर्ज करनी होगी उपस्थिति, बिना टेट पास शिक्षक मिले तो कार्रवाई
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने दिए निर्देश, उल्लंघन करने पर कसेगा शिकंजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में संचालित निजी विद्यालयों में अब टेट पास शिक्षक ही सेवाएं देंगे। स्कूल प्रबंधन अब बिना टेट पास किए शिक्षक नहीं रख सकेंगे। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का उल्लंघन करने वाले स्कूल प्रबंधनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए बाकायदा प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने जिले में चल रहे निजी विद्यालयों के प्रबंधकों को आदेश जारी कर दिए हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में निजी स्कूल प्रबंधन को निर्देश का पालन सख्ती से करना होगा। कोताही बरतने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात भी आदेश में साफ कर दी गई है। गौरतलब है कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षा में गुणवत्ता लाने के मकसद से यह आदेश जारी किए हैं। स्कूल में टेट पास शिक्षक तैनात हैं या नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी निजी स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीन में शिक्षक उपस्थिति दर्ज करवाएंगे। विभाग कभी भी किसी भी स्कूल का औचक निरीक्षण कर शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की जांच कर सकता है।
यदि निजी स्कूलों में बिना टेट पास शिक्षक नियुक्त होने का मामला सामने आएगा तो ऐसे स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा। उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक पूनम बिष्ट ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत अनिवार्य किया गया है कि पहली से आठवीं कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों का टेट पास होना जरूरी है। इसके लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन ने भी अधिसूचना जारी की है। निरीक्षण के दौरान अयोग्य शिक्षक पढ़ाते पाए गए तो ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।