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सरवरी, गड़सा खड्ड में मिलेगी डेनमार्क की ब्राउन ट्राउट

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कुल्लू। एंगलिंग टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य विभाग ने कमर कस ली है। देश-विदेश के पर्यटकों को ट्राउट के लिए अब तीर्थन घाटी जाने की जरूरत नहीं होगी। अब सरवरी खड्ड, गड़सा खड्ड सहित करीब एक दर्जन से अधिक नालों में विभाग ने डेनमार्क की ब्राउन ट्राउट मछली का बीज डाल दिया है।
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पहली बार ऐसा हो रहा है कि विभाग ने लगघाटी, ऊझी घाटी, गड़सा सहित अन्य नालों में ब्राउन ट्राउट का बीज डाला है। ब्राउन ट्राउट का यह बीज डेनमार्क से हिमाचल प्रदेश लाया गया है। डेनमार्क से लाए हुए कुछ बीज को चंबा, जबकि कुछ कुल्लू के नदी-नालों में डाला गया। कुल्लू के स्वच्छ नालों में ब्राउन ट्राउट मिलने से एंगलिंग टूरिज्म को बढ़ावा मिलेेगा। पर्यटक एंगलिंग के लिए आएंगे, जिससे स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विभाग से मिली जानकारी के अनुुसार मत्स्य विभाग ने ब्राउन ट्राउट का कुल 48200 बीज नदी व नालों में डालना है, जिसमें से 26000 का लक्ष्य पूरा हो गया है। बाकी का लक्ष्य भी विभाग की ओर से जल्द पूरा किया जाएगा। मत्स्य विभाग के उपनिदेशक नरेश कुमार व जिला मत्स्य अधिकारी अजय शर्मा ने कहा कि कुल्लू के अलेउ नाला, मनालसू नाला, सजला नाला, छाकी नाला, हरिपुर नाला, शिरढ़ नाला, सरवरी खड्ड, रूजग नाला, गड़सा खड्ड, नजां नाला, उरला नाला में ब्राउन ट्राउट का बीज डाला गया है। इससे एंगलिंग टूरिज्म को बढ़ावा मिलेेेगा। ब्राउन ट्राउट गुणवत्ता में भी उत्तम होती है।
चंद्रताल झील में डाले जाएंगे ब्राउन ट्राउट के बीज
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की खूबसूरत चंद्रताल झील में ब्राउन ट्राउट का 3000 बीज डाला जाएगा, जिससे चंद्रताल जाने पर पर्यटक भी एंगलिंग का मजा उठा सकेंगे। हालांकि यहां पर विभाग का यह प्रयास प्रयोग के तौर पर होगा। इसके साथ ही सिस्सू झील में बीज डाला जाएगा।
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