संगम स्नान के बाद देवालय की ओर प्रस्थान करते हुए देवता लक्ष्मी नारायण।
कुल्लू। गड़सा घाटी में ज्येष्ठा के आराध्य देवता लक्ष्मी नारायण ने रविवार को चुटी बिहाल में संंगम स्नान किया। ढोल, नगाड़े, नरसिंगों की स्वरलहरियों के बीच देवता लक्ष्मी नारायण ने देव परंपरा का निर्वहन किया।
देवता लाव-लश्कर के साथ परंपरा का निर्वहन करने रविवार को यहां पहुंचे थे। संगम स्नान के बाद देवता अपने देवालय की ओर रवाना हुए। रविवार सुबह देवता अपने देवालय से निकले। जगह-जगह पर देवता का श्रद्धालुओं की ओर से भव्य स्वागत किया गया। देवता के रथ में लगने वाले छत्र और अन्य आभूषणों को नया बनाया गया है।
छत्र आदि का कार्य पूरा होने के बाद संगम स्नान की परंपरा का निर्वहन किया गया। देवता लक्ष्मी नारायण हारियान कमेटी ज्येष्ठा के अध्यक्ष देवेंद्र भंडारी ने कहा कि देवता ने रविवार को चुटी बिहाल में संगम स्नान की परंपरा निभाई। देवता लक्ष्मी नारायण के समक्ष श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर आशीर्वाद भी लिया है। संवाद