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Kullu News: बारिश के बाद टला पौधों में जल्द फ्लावरिंग का खतरा

Wed, 05 Feb 2025 10:53 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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जिले के किसानों और बागवानों के चेहरों पर खुशियां लेकर आई बारिश-बर्फबारी
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बगीचों में सेब, प्लम और नाशपाती के नए पौधे लगा सकेंगे अब बागवान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में करीब डेढ़ माह बाद बारिश-बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए राहत लेकर आई है। ऊंचाई वाले ग्रामीण इलाकों में बर्फबारी, जबकि निचले इलाकों में झमाझम बारिश सेब, प्लम और अन्य पौधों के लिए लाभकारी साबित होगी।
गुठलीदार फलों में अर्ली फ्लावरिंग का खतरा फिलहाल टल गया है। सेब के जरूरी चिलिंग ऑवर्स पूरे करने में पहाड़ाें पर हुई बर्फबारी सहायक होगी।
दिसंबर और जनवरी में बारिश-बर्फबारी न होने से किसानों-बागवानों की चिंता बढ़ गई थी। दिसंबर के आखिरी सप्ताह से बर्फबारी-बारिश न के बराबर थी। बागवान बगीचों में सेब, प्लम, जापानी फल सहित अन्य फलों के न तो पौधे लगा पा रहे थे और न ही गड्ढे बना पा रहे थे। बगीचों में नमी न होने से नए पौधे लगाने का क्रम रुक गया था। बारिश से बगीचों में नमी हो गई है। अब बागवान बगीचों में नए पौधे लगा सकेंगे। फरवरी के दूसरे सप्ताह में नए पौधे लगाने का क्रम जाेर पकड़ेगा। बारिश गेहूं, मटर, लहसुन के लिए बारिश संजीवनी मानी जा रही है।
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बारिश के गेहूं और मटर के पौधाें का विकास उचित होगा। किसान इसके लिए खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं। कम बारिश के बीच किसान अपने खेतों में खाद भी नहीं डाल पा रहे हैं। किसान कमलेश ठाकुर, विपिन, देव चंद, विजय और नवीन ने कहा कि किसानों-बागवानों को राहत मिली है। लंबे समय से बारिश न होने से वे चिंतित थे। गुठलीदार फल, सेब पौधों को बारिश और बर्फबारी से संजीवनी मिलेगी।
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बागवानी विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में हुई बारिश से राहत मिली है। सेब के लिए जरूरी चिलिंग ऑवर्स में भी इजाफा होगा।
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