किसानों-बागवानों और कामगारों ने केंद्र सरकार के बजट के विरोध में किया प्रदर्शन
बजट को गरीब विरोधी और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बताया
सड़क पर उतरकर सरवरी से उपायुक्त कार्यालय तक निकाली रोष रैली
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला मुख्यालय में किसानों-बागवानों और कामगारों ने सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार के बजट का विरोध किया। सीटू और हिमाचल किसान सभा के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया।
उपायुक्त कार्यालय के बाहर बजट की प्रतियां भी जलाईं। इससे पहले सरवरी से उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाली। सीटू के राज्य महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि यह बजट गरीब विरोधी है। इसमें केवल पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पूंजीपतियों के साथ खड़ी हो गई है। आर्थिक संसाधनों को आम जनता से छीनकर अमीरों के हवाले करने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। मोदी सरकार अभी तक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कई लाख करोड़ से अधिक का विनिवेश कर चुकी है। बेहद संवेदनशील रणनीतिक रक्षा क्षेत्र को भी इसके दायरे में लाकर सरकार पूंजीपतियों के हवाले कर चुकी है। बजट में बैंक, बीमा, रेलवे, एयरपोर्ट, बंदरगाहों, परिवहन, गैस पाइप लाइन, बिजली, सरकारी कंपनियों के गोदाम व खाली जमीन, सड़कें, स्टेडियम सहित कई सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों का निजीकरण कर बेचने का रास्ता खोल दिया गया है। बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी निवेश इसका उदाहरण है। इज ऑफ डूइंग बिजनेस के नारे की आड़ में कामगार विरोधी लेबर कोड और 12 घंटे की ड्यूटी को अमलीजामा पहनाकर यह बजट इंडिया ऑन सेल का बजट है। इससे केवल पूंजीपतियों, उद्योगपतियों को फायदा होने वाला है।
सीटू जिला महासचिव राजेश ठाकुर ने कहा कि महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 2025-26 के बजट आवंटन में कटौती की गई है। इस दौरान सीटू जिलाध्यक्ष चमन ठाकुर, हिमाचल किसान सभा के जिला महासचिव नारायण सिंह, जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी, सीटू जिला कोषाध्यक्ष भूप सिंह भंडारी आदि उपस्थित रहे।
कुल्लू में उपायुक्त कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार के बजट की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन करते