कुल्लू के ऊझी घाटी में सरसेई जबाड़ी मेले में देव नृत्य करती हुई माता खण्डसन और माता नीला सुरी
हरिपुर (कुल्लू)। जिले की ऊझी घाटी के गांव सरसेई में जवाड़ी मेला मनाया जा रहा है। नग्गर और मनाली क्षेत्र के 13 देवी-देवता तीन दिवसीय जवाड़ी मेले की शोभा बढ़ाने के लिए लाव-लश्कर के साथ पहुंचे हैं। मेले के दूसरे दिन वीरवार को सरसेई गांव में आराध्यों के दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने सुबह से शाम तक उपस्थित देवी-देवताओं के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि बनाए रखने की कामना की।
ऊझी घाटी के सात गांव भोष, बटाहर, सरसेई, रांगड़ी, हरिपुर, दशाल, छाकी के ग्रामीण जवाड़ी मेले को उल्लास के साथ मनाते हैं। इस साल देवता वासुकी नाग के सम्मान में मनाए जाने वाले इस जवाड़ी मेले में घाटी के 13 देवी-देवता पहुंचे हैं।
इनमें गोशाल गांव गुशाली नाग, मनाली स्थित सियाल गांव के सियाली महादेव, खखनाल गांव की माता पार्वती व देवता कार्तिक स्वामी, सोयल गांव की माता कोटली, हरिपुर गांव की माता नीलासुरी, बटाहर गांव के देवता पीयूली नाग, भोष गांव के वीरनाथ, भाड़का गांव की माता खंडासन, लरांकेलो गांव के देवता लराईं महादेव, कराल के देवता गौहरी, बड़ाग्रां गांव की माता सिंहासन, हल्लाण-एक गांव के देवता वासुकी नाग लाव-लश्कर संग आए हैं। एक स्थान पर सभी देवी-देवताओं के दर्शन पाने के लिए श्रद्धालु भी लालायित दिख रहे हैं। जवाड़ी मेला कमेटी एवं ग्राम पंचायत सरसेई की प्रधान सरला देवी ने कहा कि नव संवत के बाद सरसेई मेला मैदान में तीन दिवसीय जवाड़ी का आयोजन किया जाता है। इस साल भी देव परंपराओं का निर्वहन करते हुए मेला मनाया जा रहा है। कहा कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा खेल प्रतियोगिता भी करवाई जा रही है।