मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गौरव महाजन की अदालत ने एक व्यक्ति पर आरोप सिद्ध हो जाने पर उसे छह माह की कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक हजार रुपये जुर्माना अदा करने का फैसला भी सुनाया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
सहायक जिला न्यायवादी महेंद्र सिंह ने बताया कि पंजाब के होशियारपुर के सुंदरनगर मोहल्ला निवासी विक्की के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और 511 के तहत केस दर्ज किया था। सरकार की ओर से इस केस को जिला न्यायवादी महेंद्र सिंह ने लड़ा। हालांकि, आरोपी के वकील ने आरोपी के बचाव में कई तरह के तर्क प्रस्तुत किए लेकिन अदालत के सामने जिला न्यायवादी द्वारा दिए गए अकाटय तर्कों और ठोस सबूतों के सामने विक्की का पक्ष एक दम कमजोर नजर आया। लिहाजा, अदालत ने तमाम गवाहों और सबूतों के आधार पर आरोपी विक्की को छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। आरोप सिद्ध होने पर सजा के साथ उसे एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इसे अदा न करने की सूरत में सजायाफ्ता विक्की को एक माह अतिरिक्त जेल की सलाखों के पीछे बिताने होंगे।