कुल्लू। भारतीय सेना में बतौर मेजर तैनात एक व्यक्ति से शातिरों ने लाखों की ठगी कर दी। शातिरों ने नेट बैंकिंग और एटीएम से आर्मी मेजर के खाते से 1.23 लाख रुपये निकाल लिए। अब मेजर बैंक के चक्कर काटने को मजबूर हैं। मामला गत सात दिसंबर 2017 का है। इस संबंध में मेजर ने कुल्लू पुलिस और बैंक प्रबंधन को ई मेल के माध्यम से शिकायत भी भेजी है लेकिन अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
जम्मू में तैनात जिला मुख्यालय के ढालपुर निवासी आर्मी मेजर देवांश मिश्रा के बैंक खाते से शातिरों ने नेट बैंकिंग और एटीएम के माध्यम से दो बार 1.23 लाख रुपये निकाले। इनमें नेट बैंकिंग के माध्यम से 70 हजार रुपये की ट्रांजेक्शन की गई। जबकि एटीएम से 40 हजार रुपये निकाले गए। जांच में मेजर देवांश मिश्रा को पता चला कि करीब डेढ़ वर्ष पहले इंडियन मिलेट्री ट्रेनिंग सेंटर देहरादून में उन्हें एक एटीएम कार्ड जारी किया गया है। जोकि उन्हें कभी मिला ही नहीं है। वहीं, घटना के बाद उनका नेट बैंकिंग का नंबर भी बदल दिया गया है। ऐसे में शातिरों ने बेहद चालाकी के साथ ठगी को अंजाम दिया है। जांच में पता चला है कि यह ट्रांजेक्शन चेन्नई में हुई है।
आर्मी मेजर देवांश मिश्रा का कहना है कि इस संबंध में सात दिसंबर 2017 को बैंक और पुलिस को शिकायत भेजी है, लेकिन इस संबंध में बैंक प्रबंधन कुछ ठोस जवाब नहीं दे पाया है और अब यह ट्रांजेक्शन स्वयं ग्राहक द्वारा ही करने का तर्क दे रहा है। उन्होंने बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में उनका सहयोग नहीं दिया जा रहा है और उन्हें ही गलत ठहराया जा रहा है। बिना किसी आवेदन नेट बैंकिंग में मोबाइल नंबर कैसे बदला जा सकता है?
इस संबंध में उन्होंने कार्यकारी पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी से विस्तार में जानकारी दी और उचित कार्रवाई का आग्रह किया। इधर, कार्यकारी पुलिस अधीक्षक कुल्लू निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि मामले में नियमानुसार छानबीन की जा रही है। शातिरों का पता लगाया जा रहा है।