सर्दियों में बढ़ रही मरीजों की संख्या, स्वास्थ्य विभाग बोला- एहतियात बरतें
एडवाइजरी जारी, लक्षण दिखने पर समय से इलाज करवाने की दी सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सर्द हवाओं में सांस लेना अब क्षय रोगियों के लिए चुनौती बन गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडी हवा और प्रदूषण का मिश्रण रोग को और जटिल करता है। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को मास्क पहनने, बलगम सही से डिस्पोज करने और समय पर इलाज करवाने की सलाह दी है।
सर्दियों में क्षय रोग के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। सर्द हवा में मिश्रित प्रदूषण के कण रोग को अधिक जटिल बना देते हैं। पहाड़ी क्षेत्र की विपरीत परिस्थितियां क्षय रोग संक्रमण बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में एहतियात बरतने की आवश्यकता अधिक रहती है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। कहा गया है कि सर्दी के मौसम में बंद कमरों में न रहें, जितना संभव हो लक्षण दिखने पर अपना उपचार करवाएं।
गौरतलब है कि सर्दी के मौसम ने दस्तक दे दी है। ऐसे में क्षय, दमा, अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की परेशानी बढ़ रहीं है। क्षय रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
इस संबंध में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि क्षय रोग के मरीजों को मास्क का प्रयोग करना चाहिए और इसी के साथ ही अपने बलगम का डिस्पोजल सही से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन बातों को लेकर मरीजों को जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार क्षय रोग मरीजों के लिए योजना भी चला रही है।
लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरंदाज
सर्दियों के मौसम में ठंड लगने से खांसी जुकाम हो जाता है लेकिन अगर आपको लंबे समय तक खांसी हो और खांसी के साथ बलगम या खून आए तो यह क्षय रोग होने के संकेत हो सकते हैं। क्षय रोग के मरीजों को भूख कम लगती है। सुस्ती और थकान महसूस होती है। इसके अलावा सीने में दर्द महसूस होता है। अगर इस तरह का कोई भी लक्षण नजर आए तो सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज मिल सकता है। -डॉ. रणजीत ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी