कुल्लू। सड़कों को बहाल करने में लोक निर्माण विभाग की लेटलतीफी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। आठ महीने से रोहाचला-फनौटी-जुहड़ मार्ग पर डंगे ही नहीं लग पाए हैं। इस कारण ग्रामीणों को बस सेवा नहीं मिल पा रही है। आपदा में मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ था। लोगों को जरूरी कामकाज के लिए दूसरे रूट की बसों को पकड़ना पड़ रहा है।
इसके लिए उन्हें पांच किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ता है। लोगों को राणाबाग-कांडीबाग सड़क से सफर करना पड़ रहा है। इससे रोहाचला, जुहड़, फनौटी, निचली फनौटी, बनाला, दपांदा, झाकडूपानी सहित आठ गांवों की जनता परेशान है। बीमार लोगों को 100 रुपये की जगह टैक्सी में 2,000 रुपये का किराया चुकाना पड़ता है।
ग्रामीण सोहन लाल, कमल दास, पदम सिंह, रणजीत सिंह, किशन चंद, तथा केहर सिंह ने कहा कि आठ महीने से लोग बस को भूल गए हैं। फनौटी और रोहाचला के बीच बहने वाली खड्ड में मनरेगा के तहत डंगा लगा दिया है। खड्ड से आगे फनौटी और जुहड़ के बीच कुछ जगहों पर डंगे लगने हैं। लोक निर्माण विभाग ने कोई भी काम शुरू नहीं किया है।
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आपदा के समय सड़क जगह-जगह से टूट गई थी। इसमें 80 प्रतिशत तक काम पूरा हो गया है। रोहाचला तक सड़क बस योग्य है। इससे आगे फनौटी और जुहड़ तक डंगे लगने है। इसके लिए 3.72 लाख की राशि मंजूर हो गई है। टेंडर लगा दिए गए हैं।
-मनीश कुमार, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग
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आठ महीने से बस रोहाचला से आगे नहीं जा पाई है। सड़क की हालत ठीक नहीं होने से लोग पैदल या फिर टैक्सी में सफर करने को मजबूर हैं।
-केहर सिंह, निवासी रोहाचला
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रोहाचला-जुहड़ मार्ग पर बस नहीं चलने से लोग पांच किमी दूर कांडीबाग पहुंचने के लिए पैदल चल रहे हैं। इसके अलावा लोग निजी वाहनों को भारी भरकम किराया देकर जाने कर मजबूर है।
-कमल दास, निवासी गांव जुहड़
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