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खेल-खेल में पढ़ना-लिखना सीख रहे बच्चे

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शमशी स्कूल में बच्चे को खेल-खेल में पढाती शिक्षिका। -संवाद - फोटो : Kullu
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू। कोरोना के बाद कई शैक्षणिक बदलाव आए हैं। कोरोना काल में दो साल तक घरों में रहने के कारण कई विद्यार्थी तनावग्रस्त हो गए थे। इससे विद्यार्थियों की खेल गतिविधियां भी कम हो गई थी।
कोरोना के बाद स्कूल खुलने पर विद्यार्थियों की योग, खेल गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है, जिससे उनका शारीरिक विकास हो सके। साथ ही तनावमुक्त भी रह सके। बच्चे खेल-खेल में पढ़ना-लिखना सीख रहे हैं। शिक्षक भी विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन कई गतिविधियों को विद्यार्थियों की दिनचर्या में शामिल कर रहा है। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल गतिविधियों को विशेष तौर पर शामिल किया गया है। बता दें कि विद्यार्थियों को तनाव मुक्त करने के लिए स्कूलों ने पहल की है। खासकर छोटे विद्यार्थियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े, इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। गौरतलब है कि स्कूलों में विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के लिए खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। दो साल तक कोरोना के कारण बच्चे स्कूलों से दूर रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई से छोटे बच्चों में चिड़चिड़ापन की शिकायतें बढ़ गई थी, जो अब धीरे-धीरे दूर हो रही है। स्कूलों में विद्यार्थियों की फिटनेस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। शारीरिक तौर पर उनको फिट रखने के लिए भी गतिविधियां करवाई जा रही हैं। निरीक्षण में पाया गया अकेडमिक हिल पब्लिक स्कूल (शमशी) तथा राइज एंड शाइन बचपन प्ले स्कूल में विद्यार्थियों को पोस्टर मेकिंग, गीत-संगीत, खेल की कई प्रकार की गतिविधियां करवाई जा रही हैं। स्कूल में शिक्षक कोरोना नियमों का पालन करते हुए विद्यार्थियों के लिए कई तरह की गतिविधियों आयोजित करवा रहे थे।
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योगा और कराटे का दिया जा रहा प्रशिक्षण
हिल अकादमिक स्कूल तथा सन राइजिंग स्कूल में नौनिहालों और बड़े विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। आधुनिक तकनीक से पढ़ाने के साथ-साथ, संगीत, खेल, योगा और कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अभिभावकों को भी ऑनलाइन योगा कक्षा से जोड़ा गया है, जिससे बच्चे अभिभावकों की उपस्थिति में घर पर भी निरंतर योगाभ्यास करते रहे।
बच्चों को सिखाने में करनी पड़ रही मेहनत
अकेडमिक हिल पब्लिक स्कूल तथा राइज एंड शाइन बचपन प्ले स्कूल की प्रबंधक निदेशक बनीता शर्मा ने कहा कि दोनों ही स्कूलों में संगीत और फ्रेंच भाषा की कक्षाएं शुरू की गई है। कहा कि कोरोना के कारण बच्चों को सिखाने व पढ़ाने में मेहनत करनी पड़ रही है।
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इतने हैं बच्चे
जिला कुल्लू में प्रदेश शिक्षा बोर्ड के स्कूलों में विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू की गई हैं। जिले में 1159 सरकारी व निजी स्कूल हैं, जिनमें प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक 1050 सरकारी तथा 109 निजी स्कूल शामिल हैं।
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