औषधि नियंत्रण प्राधिकरण ने जिला कुल्लू व लाहौल स्पीति के दवा विक्रेताओं के साथ क्षेत्रीय अस्पताल के सभागार में बैठक की। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के अतिरिक्त दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने की। इस दौरान कुल्लू और लाहौल स्पीति के दवा निरीक्षक ललित कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिरिक्त दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर सरकार ने 30 अगस्त को आदेश जारी किए हैं कि बिना पर्ची प्रतिबंधित शेड्यूल एच-वन के तहत आने वाली 46 दवाइयां न बेचें। शेड्यूल एच-वन के तहत आने वाली 46 दवाइयों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। 14 सितंबर को बद्दी कार्यालय में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया है। उक्त आदेशों का उल्लंघन करने वाले दवा विक्रेताओं का ड्रग्स लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा। युवा वर्ग को प्रतिबंधित दवाइयों के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने जनता से भी अपील करते हुए कहा कि बिना डॉक्टर की पर्ची दवाई न खरीदें। कुल्लू व लाहौल स्पीति के दवा निरीक्षक ललित कुमार ने कहा कि बिना पर्ची के एमटीपी किट मेडिकल टरमीनेशन ऑफ प्रेगनेंसी/गर्भ गिराने की दवा न बेचें। ऐसे ही एक मामले में नियमों का उल्लंघन करने पर जिला के एक केमिस्ट को एमटीपी किट का स्टॉक रखने के लिए हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। औषधि नियंत्रण प्राधिकरण समय-समय पर दवा विक्रेताओं का रिकॉर्ड खंगालता है। दोषी पाए जाने वाले दवा विक्रेता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान दवा विक्रेता तेजेंद्र चौधरी, प्रदीप, विनोद शर्मा, संतोष गौड़ और चरनजीत आदि मौजूद रहे।