उदयपुर (कुल्लू)। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं के दर्शन पाने के लिए लाहौल घाटी के लोगों को इस बार जूझना नहीं पड़ेगा। अटल टनल रोहतांग के बन जाने के बाद समुंद्रतल से 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा की समस्या खत्म हो गई है। अब लाहौल घाटी के लोग एक दिन में ही कुल्लू पहुंचकर देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेकर घर की ओर लौट सकेंगे। इसके लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम के केलांग डिपो ने भी यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इससे टैक्सियों के महंगे सफर से भी निजात मिल जाएगी।
देव समागम की खबर सुनते ही लाहौल घाटी के लोग दशहरा उत्सव में जाने का कार्यक्रम बना चुके हैं। घाटी के लोगों का कहना है कि पहले रोहतांग दर्रा में कई बार अक्तूबर माह में ही बर्फ के फांहे गिरने से लोग मुश्किल में पड़ जाते थे। लेकिन अब अटल टनल से सफर 46 किमी कम होने के साथ रोहतांग की समस्या खत्म हो गई है। एचआरटीसी केलांग डिपो के आरएम मंगल चंद मनेपा ने कहा कि दशहरा उत्सव में लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यकता अनुसार बसें चलाई जाएंगी। बस में सफर करने वाले हर एक यात्री को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।