कुल्लू/खराहल। प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों को संवारने के लिए सरकार कई महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाई हैं। लेकिन अधिकतर योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं है। धार्मिक स्थल बिजली महादेव के लिए प्रस्तावित रोप-वे निर्माण भी दशकों से नहीं हो सका है। इस बार लोकसभा उपचुनाव में लोग इस रोप-वे को मुद्दा बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी कागजों के फेर में उलझकर रह गया है। प्रोजेक्ट के लिए सभी औपचारिकता पूरी न होने के चलते यह कार्य लटका है। ऐसे में यह रोप-वे कागजों में ही झूलता रहा। कागजों की औपचारिकता रफ्तार नहीं पकड़ सकेगी। इस पर सियासत बहुत हुई। योजना को अमलीजामा पहनाने में नुमाइंदों ने गंभीरता नहीं दिखाई। सभी राजनितिक दलों के नेता लोगों को महज दिलासा देकर राजनीतिक रोटियां सेकते रहे। लेकिन दो किलोमीटर प्रस्तावित प्रोजेक्ट का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 150 करोड़ खर्च होंगे।
प्रोजेक्ट बनने से कुल्लू-मनाली में पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा। साथ ही पर्यटन कारोबार में और बढ़ोतरी होगी। खराहल घाटी से संबंध रखने वाले लोगों को इसका प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा। हाईप्रोफाइल सैलानियों की संख्या भी धार्मिक पर्यटन स्थल बिजली महादेव में बढ़ेगी। जब भी प्रधानमंत्री कुल्लू जिला के दौरे पर आते हैं तो बिजली महादेव का जिक्र करते हैं। इसके बावजूद रोप-वे को न बनाया जाना लोगों की समझ से परे है। बिजली महादेव कुल्लू जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां पर हर साल हजारों सैलानी दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बिजली महादेव मंदिर तक सड़क न होने के चलते श्रद्धालुओं को कराटे नामक जगह से करीब साढ़े तीन किलोमीटर की चढ़ाई पार करनी पड़ती है। रोप-वे से श्रद्धालु बिजली महादेव तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इसके साथ घाटी की मनोरम वादियों का भी लुत्फ उठा सकेंगे।
औपचारिकता पूरी होने के बाद काम होगा शुरू : गोविंद
शिक्षा, भाषा एवं कला संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि यह प्रोजेक्ट भाजपा की देन है। इसको बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञ स्थल का चयन कार्य प्रगति पर है। कागजी औपचारिकता पूरी होने के बाद रोप-वे का कार्य शुरू होगा।
गंभीरता से नहीं कर रहे पहल : सुंदर
सदर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बजट में रोप-वे का जिक्र हर बार किया जाता है। लेकिन सरकार के नेक इरादे न होने के कारण निर्माण लटका है। विधायक प्राथमिकता में इसको डाला है। लेकिन सरकार व विभाग गंभीरता से पहल नहीं कर रहे हैं।