मनाली-लेह मार्ग से रोहतांग टनल के नॉर्थ पोर्टल को जोड़ने वाले पुल ढहने पर टनल के अधिकारियों और बीआरओ कमांडर ने मंगलवार को संयुक्त तौर पर मौके का जायजा लिया। इस दौरान यह जांचा गया कि नया वैली ब्रिज कहां स्थापित किया जाएगा? गुफा होटल पुल के ढहने से टनल में काम करने वाले मजदूरों को लगभग चार किलोमीटर का पैदल सफर तय कर टनल के पास पहुंचना पड़ रहा है। हालांकि अभी तक टनल निर्माण कार्य बाधित नहीं हुआ है, लेकिन यदि एक सप्ताह के भीतर वैली ब्रिज का निर्माण नहीं किया गया तो टनल निर्माण कार्य प्रभावित होगा। बताया जा रहा है कि टनल में निर्माण संबंधी सामग्री पर्याप्त मात्रा में है।
एक सप्ताह में वैली ब्रिज न बनने की सूरत पर टनल को रोजाना पांच लाख रुपये नुकसान होगा। टनल अधिकारियों की नए वैली ब्रिज के लिए 38 बीआरटीएफ को एक हफ्ते के भीतर ब्रिज को बनाने की बात चल रही है। जिस पर बीआरओ ने भी सहमति दी है। 170 फीट लंबे तथा 30 मीट्रिक टन भार को सहन करने वाले वैली ब्रिज का निर्माण 2006 में बीआरओ की दीपक परियोजना द्वारा किया गया था। टनल में काम करने वाले मजदूर अब शीशु के पास चंद्रा नदी के ऊपर बने फुट ब्रिज के माध्यम से लगभग चार किलोमीटर का पैदल सफर कर पहुंच रहे हैं।
इधर, इस संबंध में रोहतांग टनल परियोजना के चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर डीएन भट्ट ने बताया कि देर शाम हुए इस हादसे से किसी की जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। टनल निर्माण के काम में आने वाली सामग्री एक हफ्ते के काम लिए पर्याप्त मात्रा में है। यदि एक हफ्ते के भीतर नए वैली बिज को स्थापित नहीं किया जाता है तो रोजाना रोहतांग टनल परियोजना को पांच लाख का नुकसान होगा। टनल के निर्माण कार्य की गति प्रभावित होगी। रोहतांग टनल के अधिकारियों तथा बीआरओ के कमांडर राजेंद्र कुमार ने घटनास्थल का मौका किया है। नए वैली ब्रिज को लेकर संयुक्त निरीक्षण किया गया है।