केलांग (लाहौल-स्पीति)। मनाली-लेह सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने के बाद लद्दाख और लाहौल घाटी में पर्यटन कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है। साल के पांच महीने तक पूरी तरह से बंद रहने के बाद इस मार्ग पर एकाएक वाहनों की संख्या बढ़ गई है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण लद्दाख और लाहौल के होटल, होम स्टे और कैंपिंग साइट्स सैलानियों से भर गए हैं। लाहौल के जिस्पा और केलांग में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से पर्यटन कारोबारियों को अच्छी कमाई हो रही है। चूंकि, लेह जाते और वापस लौटते समय पर्यटक इन स्थानों पर रुक रहे हैं। गौरतलब है कि लाहौल में 76 होटल और 700 से अधिक होम स्टे हैं, जो पर्यटकों को यहां ठहराव करने के लिए आकर्षित कर रहे हैं। घाटी में कम पर्यटन इकाइयां होने के चलते हालांकि, लाहौल में पर्यटकों के ठहरने की क्षमता कम है, जिससे लाहौल आने वाला 90 फीसदी पर्यटक घाटी घूमकर शाम को वापस मनाली लौट रहा है।
लाहौल में पर्यटन कारोबार बढ़ने का कारण मनाली-लेह मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू होना है। इससे लेह की ओर आने जाने वाले पर्यटक घाटी के अलग-अलग स्थानों में रुक रहे हैं। मार्ग खुल जाने के कारण सिर्फ लाहौल ही नहीं बल्कि लेह-लद्दाख के पर्यटन कारोबार ने भी रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। इससे होम स्टे संचालकों को भी फायदा पहुंचने लगा है।
-रिगजिन हायरपा, लाहौल होम स्टे एसोसिएशन अध्यक्ष
मनाली-लेह सड़क मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने से लद्दाख और लाहौल घाटी में पर्यटन ने गति पकड़ ली है। इससे पर्यटन कारोबारियों को अच्छी कमाई हो रही है, लेकिन लाहौल में पर्यटकों के ठहरने की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है।
-तेंजिन कारपा अध्यक्ष लाहौल होटल एसोसिएशन
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