क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में रोजाना पहुंच रहे 100 से अधिक मरीज
तापमान में गिरावट से रक्त वाहिकाओं में होने लगता है संकुचन, तब होती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में अर्थराइटिस (जोड़ों में दर्द) के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में जोड़ों के दर्द का उपचार करवाने सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं। हड्डी रोग ओपीडी में रोजाना औसतन 110 से 120 मरीज पहुुंच रहे हैं। जोड़ों और कमर दर्द के मरीजों के बढ़ने का कारण परिवर्तनशील मौसम को बताया जा रहा है। एकाएक मौसम बिगड़ने से लोगों में अर्थराइटिस संबंधी समस्याएं बढ़ी हैं। अर्थराइटिस जोड़ों में होने वाली बहुत आम सी दिक्कत है, लेकिन समय पर उपचार न होने से समस्या बढ़ सकती है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की मानें तो ओपीडी में हड्डी रोग से संबंधित गंभीर रोगों के मरीजों की संख्या बेहद कम हैं, लेकिन मौसम के बार-बार करवट लेने के कारण लोग जोड़ों के दर्द की चपेट में आ रहे हैं। इनमें कमर और घुटनों के दर्द के मरीज अधिक हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि तापमान में गिरावट के साथ रक्त वाहिकाओं में संकुचन होने लगता है, जिससे जोड़ों में सूजन-कठोरता की दिक्कत हो सकती है। बैरोमीटर दबाव के कारण ठंडक में दर्द अधिक महसूस होती है।
ठंडा तापमान, दर्द-संवेदनशीलता को बढ़ा सकता है, इसमें रक्त परिसंचरण भी धीमा हो जाता है। इससे मांसपेशियों में ऐंठन बढ़ जाती है। इस तरह की समस्याओं से बचाव के लिए जरूरी है कि आप ठंड से बचाव करें। जोड़ों की कठोरता को कम करने के लिए हल्के गर्म पानी से स्नान करें। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश चंद ने कहा कि अस्पताल में जोड़ों के दर्द की समस्या के मरीज बढ़े हैं। कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का उपचार कर उनकी समस्या से बचाव के लिए काउंसलिंग भी कर रहे हैं। संवाद