कुल्लू। दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में एक सप्ताह में सेब के 30 फीसदी दाम गिर गए हैं। पिछले सप्ताह 1000 रुपये तक बिकने वाली रॉयल की 20 किलो की पेेटी अब 700 रुपये में बिक रही है।
दिल्ली की आजादपुर मंडी में सेब के दामों को लेकर बागवानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि बागवान बेहतर रंग और साइज वाले सेब को ही दिल्ली भेज रहे हैं। इसके बावजूद बागवानों को सेब के बेहतर दाम नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में बागवानों को मायूसी हाथ लगी है। बताया जा रहा है कि दिल्ली की आजाद सब्जी मंडी में स्माल ग्रेड और छह लेयर की पेटी महज 450 से 550 रुपये बिक रही है। एक सप्ताह पहले तक यह 650 से 750 रुपये तक जा रही थी। दिल्ली के लिए प्रति पेटी पर करीब 150 रुपये से अधिक खर्च आ रहा है। ऐसे में बागवानों के पल्ले कुछ नहीं पड़ रहा है। बागवान को लकड़ी का प्रति पेटी बारदाना ही 55 रुपये तक मिल रहा है। इसके बाद कीलें, पेटी की बनाई, पैकिंग, लेबर और दिल्ली के किराये को मिलाकर 150 रुपये अधिक का खर्चा प्रति पेटी आ रहा है। बागवान राकेश कुमार, नंद लाल शर्मा, जीवन ठाकुर, प्रकाश चंद और रविंद्रनाथ ने कहा कि 35 से 40 रुपये प्रति किलो सेब बिकना बागवानों के लिए घाटे का सौदा है। बागवान सेब के लिए बगीचे में पूरा साल भर मेहनत करते हैं। लेकिन जब मंडियों में सेब के दाम नहंी मिलते हैं तो बागवानों का मनोबल टूटता है। इस समय सेब तैयार है। बागवान कच्चा सेब भी मंडी में नहीं भेज रहे हैं। बाकायदा अच्छे साइज का सेब मंडी भेजा जा रहा है। इसके बावजूद दाम न मिलना बागवानों की समझ से परे है। सरकार को सेब के लिए एक नीति लानी चाहिए, जिससे सालभर मेहनत करने के बाद बागवानों का सेब कौड़ियों के भाव में न बिके। फलोत्पादक मंडल कुल्लू के अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने कहा कि बागवानों से पहले भी आग्रह किया था कि जल्दबाजी में सेब न तोड़े। लेकिन देखादेखी में कई जगहों पर अध पक्का सेब भी मंडियों में आया। अगर बेहतर गुणवत्ता का सेब मंडियों में जाएगा तो इसके बागवानों को दाम भी अच्छे ही मिलेंगे।
मांग कम होने से आई कमी
दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में फ्रूट कंपनी एसडीटी के जिला प्रतिनिधि नरेश कुमार ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर मंडियों में सेब के दाम गिर गए हैं। रॉयल लार्ज ग्रेड 20 किलो की पेटी 700 रुपये हो गई है, जो पहले 1000 रुपये तक बिक रही थी। उन्होंने कहा कि डिमांड कम हो जाने से सेब के दामों में गिरावट आई है।