ढालपुर से सरवरी तक रुक-रुककर होती रही वाहनों की आवाजाही
रथयात्रा के दौरान कुछ समय के लिए बंद रहा पूरा ट्रैफिक
कुल्लू में श्रद्धालुओं के साथ वाहनों की भीड़ रही अत्यधिक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। देव परंपरा की रस्म लंका दहन की रस्म का निर्वहन होते ही शनिवार को दशहरा उत्सव का समापन हो गया। लंका दहन के लिए देवी-देवताओं के साथ निकली रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालु उमड़े।
लंका दहन के कारण कॉलेज गेट ढालपुर से अंतरराज्यीय बस अड्डा कुल्लू (सरवरी) तक वाहनों की आवाजाही रुक-रुककर होती रही। दिन भर वाहनों और श्रद्धालुओं की भीड़ अत्यधिक रही। इससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। रथ यात्रा के समय कुल्लू-भुंतर की मुख्य सड़क पर गांधीनगर से रामशिला तक वाहनों की आवाजाही पूर्णतया बंद रखी गई थी। ऐसे में गांधीनगर से रामशिला तक जाम की स्थिति रही। शहर की सुर्कलर सड़क भी जाम से बंद रही।
गौरतलब है कि दशहरा उत्सव के चलते लंबे रूटों की बसों को दो अक्तूबर से ही वामतट पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-03 (मनाली-चंडीगढ़) से भेजा जा रहा है। कुल्लू-भुंतर जाने वाली बसों को कॉलेज गेट ढालपुर से अस्थायी बस अड्डा से संचालित किया जा रहा है। छोटे वाहनों को ढालपुर से सरवरी तक आवाजाही की अनुमति दी गई है। रथ यात्रा के दौरान करीब 03:30 से 05:30 बजे तक छोटे वाहनों की आवाजाही भी ढालपुर-सरवरी के बीच बंद रही। रथ यात्रा के बाद ढालपुर-सरवरी के बीच छोटे वाहनों के लिए आवाजाही सामान्य की गई लेकिन जाम देर शाम तक लगा रहा। इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिस जवान प्रयासरत रहे।